hindmedianews
Breaking News
क्राइमछत्तीसगढ़ब्रेकिंग न्यूज़

शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई — पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ की संपत्ति ईडी ने कुर्क

IMG-20250714-WA0596
previous arrow
next arrow

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले की जांच में एक और बड़ा मोड़ आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की 61 करोड़ 20 लाख रुपए की संपत्ति कुर्क की है।

यह कार्रवाई ईडी रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा 10 नवम्बर 2025 को की गई। इसमें 59.96 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियाँ — जिनमें 364 आवासीय भूखंड एवं कृषि भूमि शामिल हैं — तथा 1.24 करोड़ विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।जांच में सामने आया कि राज्य के खजाने को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और शराब सिंडिकेट ने 2500 करोड़ रुपए से अधिक की “अवैध कमाई” की, जिसे बाद में विभिन्न माध्यमों से सफेद धन के रूप में उपयोग किया गया ।

चैतन्य बघेल की भूमिका पर ईडी का दावा

ईडी की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एजेंसी का दावा है कि चैतन्य बघेल, जो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र हैं, शराब सिंडिकेट के शीर्ष स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।

वह इस अवैध नेटवर्क द्वारा अर्जित धन का पूरा “हिसाब-किताब” संभालते थे और प्राप्त धन को अपने रियल एस्टेट कारोबार में निवेश करते थे, ताकि उसे वैध दिखाया जा सके।

ईडी के अनुसार, चैतन्य बघेल ने घोटाले से प्राप्त अवैध आय (Proceeds of Crime) का इस्तेमाल अपनी कंपनी मेसर्स बघेल डेवलपर्स के तहत रियल एस्टेट परियोजना “विट्ठल ग्रीन” के विकास में किया। इस निवेश को वैध व्यापारिक आय के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया।

गिरफ्तारी और वर्तमान स्थिति

ईडी ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं।इससे पहले इसी घोटाले में पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, आईटीएस अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी, तथा तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा को भी ईडी गिरफ्तार कर चुकी है।

ईडी का दावा — “राज्य के खजाने को भारी नुकसान”जांच में यह भी सामने आया कि शराब सिंडिकेट की अवैध गतिविधियों से राज्य सरकार के राजस्व को भारी क्षति हुई।सिंडिकेट के जरिए अवैध रूप से शराब उत्पादन, परिवहन और बिक्री की गई, जिससे प्राप्त धन विभिन्न माध्यमों से रियल एस्टेट, फिक्स्ड डिपॉजिट और जमीनों में लगाया गया।ईडी का कहना है कि यह मामला राजनीति, नौकरशाही और व्यापारिक गठजोड़ का जटिल जाल है, जिसमें कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं।

जनचर्चा और राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है।विपक्षी दलों ने इसे “भ्रष्टाचार पर सर्जिकल स्ट्राइक” बताते हुए बघेल परिवार पर निशाना साधा है, जबकि कांग्रेस नेताओं ने ईडी की कार्रवाई को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया है।भूपेश बघेल समर्थकों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

क्या है आगे की कानूनी प्रक्रिया

ईडी की यह कुर्की अस्थायी (Provisional Attachment) है।अब इस पर पीएमएलए की विशेष अदालत में सुनवाई होगी। अदालत यदि ईडी के पक्ष में फैसला देती है, तो ये संपत्तियां स्थायी रूप से सरकारी स्वामित्व में चली जाएंगी।ईडी ने संकेत दिया है कि जांच आगे भी जारी रहेगी और अन्य संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा सकती है।

संबंधित पोस्ट

भाजपा नेता गोलू ठाकुर पर निजी जमीन कब्जे का लगा आरोप, पीड़ित ने थाने में की शिकायत

hindmedianews

Chunesh Sahu

अवैध शराब बिक्री एवं शांति भंग की आशंका पर 09 आरोपियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही

rakeshbhaskar

जिला पंचायत अध्यक्ष तारिणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर ने विधि विधान से पूजा अर्चना कर किया कार्यालय प्रवेश 

Chunesh Sahu

*कोलियारी -खंरेगा मार्ग के शीघ्र निर्माण हेतु दयाराम के नेतृत्व में अरुण साव से मिला प्रतिनिधिमंडल* *सड़क निर्माण की बहुप्रतीक्षित मांग से क्षेत्र वासियों को शीघ्र दिलाया जाए निजात- दयाराम साहू*

Chunesh Sahu

सीजी पीएससी में करनौद का नाम रोशन , रोशन को मिली 33वीं रैंक, गांव में जश्न का माहौल

Sakshi Bansod