hindmedianews
Breaking News
अन्यकबीरधामक्राइमछत्तीसगढ़ब्रेकिंग न्यूज़राजनीती

कवर्धा में राज्योत्सव पर हंगामा, भाजपा नेताओं और पुलिस के बीच गाली-गलौज, धक्का-मुक्की

IMG-20250714-WA0596
previous arrow
next arrow

अजय जांगड़े 8085164784

कवर्धा,छत्तीसगढ़ के 25वें राज्योत्सव का जश्न कवर्धा में उस वक्त बेमानी हो गया जब मंच के पास पुलिस जवानों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झड़प हो गई। बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब पुलिस ने कुछ भाजपा नेताओं को मंच की ओर जाने से रोका। बात इतनी बढ़ी कि देखते ही देखते स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई — सत्ता के मद में चूर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस कर्मियों को खुलेआम माँ-बहन की गालियाँ देना शुरू कर दिया।

यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा के ही विधानसभा क्षेत्र का है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या कवर्धा पुलिस इस अभद्रता और अपमान पर कार्यवाही कर पाएगी, या फिर राजनीतिक दबाव में यह मामला भी “रफा-दफा” कर दिया जाएगा? प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिस जवान कार्यक्रम स्थल पर अनुशासन बनाए रखने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं ने “हम सत्ता में हैं” का रौब दिखाते हुए पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की। पुलिस के जवानों के साथ न केवल गाली-गलौज हुई बल्कि धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई।

नगर पालिका अध्यक्ष, भाजपा जिला पदाधिकारी और कुछ प्रभावशाली कार्यकर्ता इस विवाद के दौरान मौके पर मौजूद बताए जा रहे हैं। कई स्थानीय नागरिकों ने कहा — “राज्योत्सव का मंच जनता के लिए था, लेकिन भाजपा नेताओं ने उसे अपनी ताकत दिखाने का अखाड़ा बना दिया।”

पुलिस बनी बेबस दर्शक, प्रशासन मौन

राज्योत्सव जैसी गरिमामय सरकारी आयोजन में इस तरह का बवाल न केवल प्रशासन की निष्क्रियता को दर्शाता है, बल्कि शासन की छवि पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।

कवर्धा पुलिस के अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि वीडियो क्लिप और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं ।लोगों का कहना है  “जब गृह मंत्री के ही क्षेत्र में पुलिस को सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता सरेआम अपमानित कर सकते हैं, तो आम नागरिक की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?”

सुशासन या सत्ता का आतंक?

भाजपा की सरकार अपने हर मंच से “सुशासन और कानून व्यवस्था” का ढोल पीटती रही है, लेकिन कवर्धा की यह घटना उन दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। कार्यक्रम की मर्यादा भंग होने, जनता के सामने पुलिस की बेइज़्ज़ती होने और अधिकारियों की चुप्पी — यह सब मिलकर राज्योत्सव की गरिमा को मिट्टी में मिला गया।

कवर्धा में अब चर्चाएँ जोरों पर हैं क्या इस मामले पर कार्यवाही होगी, या सत्ता का प्रभाव एक बार फिर न्याय पर भारी पड़ेगा?

संबंधित पोस्ट

भू माफियाओं के हौसले बुलंद….नियमो को अंगूठा दिखा कर प्रसासन के नाक के नीचे कर रहे अवैध प्लांटिंग

Chunesh Sahu

मड़वा के प्राचार्य की मिसाल — टॉपर्स को कराई हवाई सैर, बच्चों के सपनों को दिया पंख

Sakshi Bansod

परिक्षेत्र  साहू समाज कोसागोदी एवं सनौद का शपथ ग्रहण समारोह एवं पूर्व पदाधिकारियों का विदाई सम्मान कार्यक्र

Chunesh Sahu

वनांचल की दिव्यांग आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को उपमुख्यमंत्री ने दिलाई स्कूटी

Sakshi Bansod

गुंझेटा–केशलीखुर्द सड़क निर्माण का भूमिपूजन, ग्रामीणों में हर्ष

Sakshi Bansod

चाइल्ड लाइन टीम के द्वारा बच्चों को गुड टच और बेड टच की जानकारी देकर जागरूक किया ।

hindmedianews