
कोरबा/पाली:- विकासखण्ड पाली के अंतर्गत ग्राम पंचायत काँजीपानी के लोग पिछले तीन दिनों से अँधेरे में जीने को मजबूर हैं। चैतमा सब स्टेशन से आने वाली बिजली अचानक बंद हो गई और ट्रांसफार्मर जल जाने के बावजूद बिजली विभाग की नींद इतनी गहरी है कि कहीं से कोई हल नहीं दिख रहा।
ग्रामीणों की परेशानी – घरों में उजाले की आस हवा हो गई…..
गाँववासियों का कहना है कि घरों में रात के समय इतना अँधेरा है कि हाथ का पंजा भी नजर नहीं आता, बच्चों की पढ़ाई और महिलाएँ घर के कामकाज में पूरी तरह बाधित हैं। छोटे दुकानदार और व्यवसायी जैसे अधजली चिराग के भरोसे अपना काम चला रहे हैं।
सरकार की योजनाएँ – कागजों में चमक, गाँव में अँधेरा…..
केंद्र और राज्य सरकार की “हर घर रोशनी” और “समान विकास” जैसी योजनाएँ काँजीपानी में बस ठेंगा दिखा रही हैं। कागजों में उजाला, गाँव में अँधेरा – यही हाल है। योजनाएँ सिर्फ रिपोर्टों और विज्ञापनों तक ही सीमित रह गई हैं, जबकि गाँववासियों की रोजमर्रा की जिंदगी अँधेरे की चादर में घुट रही है।
बिजली विभाग की सुस्त रवैया – ग्रामीण आग बबूला……
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर जल जाने के बावजूद विभाग के अधिकारी कुर्सी की गर्मी छोड़कर गाँव तक नहीं आए। बार-बार शिकायत करने के बाद भी जैसे विभाग ने हाथ पर हाथ धरे बैठे अँधेरे का मज़ा लेना शुरू कर दिया हो। ग्रामीणों का कहना है, “बिजली विभाग की नींद इतनी गहरी कि उनका हर कार्य कागजों में ही दफन है।”
ग्रामीणों की चेतावनी – अब और सहन नहीं….
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ट्रांसफार्मर बदलकर बिजली सप्लाई बहाल नहीं की गई, तो वे बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन और कठोर कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे।
सरकार की खोखली योजनाएँ उजागर….
ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकार हर घर उजाला का नारा देती है, तब गाँववासियों को अँधेरा ही सौंपा जाता है। यह सिर्फ सरकारी योजनाओं की खोखली चमक को उजागर करता है, जो कागजों पर तो रौशन दिखती है, लेकिन गाँव के घरों तक पहुँचने में नाकाम साबित होती है।
अपील….ग्रामीणों ने अधिकारियों से अपील की है कि काँजीपानी में बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल की जाए, ताकि लोगों का जीवन अँधेरे में न डूबे और बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।
कागजों में चमकती योजनाएँ, गाँव में अँधेरा और बिजली विभाग की सुस्ती – यही है गाँव की असली तस्वीर।





