
धमतरी। धमतरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक ओंकार साहू ने आज रायपुर में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं लोकनिर्माण (PWD) मंत्री डॉ. अरुण साव से सौजन्य भेंट कर क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों की जानकारी दी और बजट में शामिल प्रमुख सड़क परियोजनाओं को शीघ्र प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।
विधायक ओंकार साहू ने मंत्री अरुण साव से मुलाकात के दौरान बताया कि धमतरी विधानसभा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं विकास की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने नगर पंचायत आमदी में गौरव पथ निर्माण, रत्नाबांधा चौक से मुजगहन बाईपास तक फोरलेन रोड, तथा सिहावा चौक से नहर नाका चौक तक फोरलेन सड़क निर्माण जैसे बजट में शामिल कार्यों को शीघ्र प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।

विधायक साहू ने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से धमतरी जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, और नागरिकों को जर्जर सड़कों से राहत प्राप्त होगी। इन मार्गों का निर्माण क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति के लिए एक बड़ा कदम सिद्ध होगा।
इसके साथ ही विधायक ने क्षेत्र में स्वीकृत चार प्रमुख सड़कों — देमार से तरसीवा मार्ग, गुजरा से रिवागहन मार्ग, सिविल लाइन कॉलोनी पहुंच मार्ग, तथा पोटियाडीह से खरतुली मार्ग — के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्यों की स्वीकृति के लिए विभागीय मंत्री डॉ. अरुण साव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन मार्गों का सुदृढ़ीकरण ग्रामीण अंचलों को शहरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे कृषि, व्यवसाय एवं दैनिक जीवन में सुगमता आएगी।
विधायक ओंकार साहू ने बताया कि उन्होंने उपमुख्यमंत्री व लोकनिर्माण मंत्री डॉ. अरुण साव से अनुरोध किया कि क्षेत्र की प्राथमिकता वाली सड़क परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी प्रदान की जाए ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके। उन्होंने मंत्री को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा —
आपने मेरे अनुशंसा पर क्षेत्र की परियोजनाओं को बजट में प्राथमिकता दी है, इसके लिए हम आभार व्यक्त करते। मुझे विश्वास है कि जल्द ही आमदी में गौरव पथ, रत्नाबांधा से मुजगहन तक फोरलेन मार्ग तथा सिहावा चौक से नहर नाका चौक तक फोर लाइन सड़क निर्माण सहित अन्य सड़कों को प्रशासनिक स्वीकृति आपके सहयोग से मिलेगी। इससे धमतरी क्षेत्र को विकास की नई दिशा प्राप्त होगी। हमारा प्रयास है कि विभागीय मंत्री के सहयोग से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की सड़कें उत्कृष्ट स्तर की हों, ताकि जनता को सुगम यातायात और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।”
विधायक ने कहा कि वे निरंतर विभागीय अधिकारियों और मंत्री से संवाद बनाए हुए हैं ताकि स्वीकृत परियोजनाओं पर समयबद्ध कार्य आरंभ हो सके।
इस अवसर पर नगर पंचायत आमदी की अध्यक्ष श्रीमती ज्योति मुरलीधर साहू, पार्षद ऋषभ ठाकुर, चितेंद्र साहू, पारसमणी साहू, वरिष्ठ असरु राम साहू, खेमलाल पटेल एवं जागेश्वर साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
धमतरी कस्टोडियल डेथ – मानवता पर गहरा कलंक, भाजपा सरकार और पुलिस की जवाबदेही तय हो : विधायक ओंकार साहू
धमतरी जिले के अर्जुनी थाने में पुलिस हिरासत में हुई दुर्गेंद्र कठोलिया की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक घटना पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की निर्णय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि मानवाधिकार और संवैधानिक मूल्यों पर गहरी चोट है।
विधानसभा क्षेत्र धमतरी के विधायक ओंकार साहू ने कहा—
“हाईकोर्ट का निर्णय अपने आप में एक कठोर सच्चाई उजागर करता है कि यह मौत पुलिस की बर्बरता और प्रशासन की असंवेदनशीलता का नतीजा है। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर नागरिक को जीवन और गरिमा का अधिकार प्राप्त है, लेकिन जब यह अधिकार खुद राज्य की हिरासत में छीना जाता है, तो यह शासन के चरित्र और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।”

विधायक साहू ने कहा कि धमतरी की यह घटना राज्य की कानून व्यवस्था और मानवाधिकार सुरक्षा तंत्र की विफलता का प्रतीक है। जब किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों में मौत हो जाती है, और शरीर पर 24 चोटों के निशान मिलते हैं, तो यह किसी भी सभ्य समाज के लिए अस्वीकार्य है।
“इस घटना को सिर्फ मुआवजे की रकम से समाप्त नहीं किया जा सकता। सरकार को यह साबित करना होगा कि वह नागरिकों के जीवन और अधिकारों की रक्षा करने में सक्षम है। दोषी पुलिस अधिकारियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई हो, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।”
ओंकार साहू ने आगे कहा कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की यातना नहीं, बल्कि पूरे राज्य के न्याय तंत्र और मानवीय संवेदनाओं की परीक्षा है। उन्होंने कहा कि जब जनता को न्याय की उम्मीद पुलिस हिरासत में भी नहीं रहती, तो लोकतंत्र अपनी आत्मा खो देता है।
“धमतरी की यह घटना मानवता पर एक स्थायी धब्बा है। यह हमें याद दिलाती है कि शक्ति का दुरुपयोग जब कानून की आड़ में होता है, तो वह अत्याचार से भी अधिक खतरनाक हो जाता है। मैं मृतक परिवार के साथ पूर्ण एकजुटता में खड़ा हूं और विधानसभा में इस मुद्दे को दृढ़ता से उठाऊंगा। यह न्याय और मानव अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है — जिसे किसी भी कीमत पर रुकने नहीं दिया जाएगा।”
विधायक साहू ने अंत में कहा कि सरकार को चाहिए कि वह डी.के. बसु दिशा-निर्देशों के पालन को सख्ती से लागू करे, सभी थानों में मानवाधिकार प्रशिक्षण अनिवार्य करे, और कस्टोडियल हिंसा के मामलों में स्वतंत्र न्यायिक जांच आयोग की स्थापना करे।
“राज्य तभी संवेदनशील कहलाएगा, जब उसके नागरिक उसकी हिरासत में सुरक्षित महसूस करेंगे।”





