
बालोद जिले में पर्यावरण संरक्षण के लिए कलेक्टर की अनूठी पहल: “एक पेड़ मां के नाम”
बालोद, 9 जुलाई 2025: पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को बालोद जिले में नया आयाम देने के लिए जिला कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने एक प्रेरणादायक पहल शुरू की है। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 18 जुलाई 2025 को सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक अपने शहर और गांवों में वृहद वृक्षारोपण में सक्रिय रूप से हिस्सा लें।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिलेवासियों से अपने पूर्वजों, माता-पिता, और विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं से अपने होने वाले बच्चे के नाम पर एक पेड़ लगाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा, “यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक कदम है, बल्कि हमारी भावी पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित भविष्य सुनिश्चित करने का संकल्प भी है।”
पिछले कुछ वर्षों से बालोद जिले में जल संकट की समस्या को देखते हुए यह पहल विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का छोटा-सा प्रयास, जैसे एक पेड़ लगाना और उसकी देखभाल करना, पर्यावरण संतुलन और जल संरक्षण में बड़ा बदलाव ला सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपने व्यस्त जीवन से कुछ समय निकालकर इस अभियान को सफल बनाने की अपील की।
जिला प्रशासन ने 18 जुलाई को होने वाले इस वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्कूलों, कॉलेजों, और ग्राम पंचायतों के साथ मिलकर विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही, लोगों को पौधों की देखभाल के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
कलेक्टर की इस अपील को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। एक स्थानीय निवासी, रमेश साहू ने कहा, “यह एक बहुत ही सराहनीय कदम है। मैं अपने माता-पिता के नाम पर पेड़ और अपने बच्चों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करूंगा।”
यह पहल न केवल बालोद जिले को हरित और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह भावनात्मक रूप से लोगों को अपनी मां और पूर्वजों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर भी प्रदान करती है। आइए, हम सब मिलकर 18 जुलाई को इस अभियान में शामिल हों और “एक पेड़ मां के नाम” लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाएं।





