कवर्धा/पंडरिया। शुक्रवार दोपहर पंडरिया-मुंगेली नेशनल हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। रेहूटा गांव के पास तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से दो गर्भवती महिलाओं समेत तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एक महिला रेहूटा गांव की निवासी बताई जा रही है, जबकि दूसरी महिला और पुरुष सूरजपुरा गांव के रहने वाले थे।
हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने शवों को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया, जिससे नेशनल हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटना स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रशासन के खिलाफ आक्रोश, मुआवजे और कार्रवाई की मांग
हादसे की सूचना मिलते ही पंडरिया एसडीओपी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिशें शुरू कीं। लेकिन मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा। प्रदर्शनकारियों ने दोषी वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मृतकों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की है।
प्रशासन की चुनौती बढ़ी
घटनास्थल पर तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस बल के साथ एसडीओपी व अन्य प्रशासनिक अधिकारी डटे हुए हैं। लोगों को समझाने-बुझाने का सिलसिला जारी है, लेकिन जनाक्रोश के आगे प्रशासन की कोशिशें फिलहाल नाकाफी साबित हो रही हैं।
तेज रफ्तार बनी जानलेवा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से हुआ। हादसे की भयावहता ऐसी थी कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
फिलहाल प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती जनाक्रोश को शांत करना और यातायात को बहाल करना है। ग्रामीणों की मांगें पूरी होने तक चक्काजाम जारी रहने के आसार हैं।






