
अजय जांगड़े
कवर्धा।छत्तीसगढ़ के इको टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए कबीरधाम जिले स्थित भोरमदेव अभ्यारण्य में जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहन सफारी की शुरुआत की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा चयनित चार संरक्षित क्षेत्रों में से एक भोरमदेव को इस परियोजना के लिए चुना गया है। इस निर्णय के पीछे उद्देश्य है कि पर्यटकों को प्रकृति से जोड़ा जाए और साथ ही वन्यजीवों की शांति भी बनी रहे।
पहली बार इलेक्ट्रिक वाहन सफारी का प्रयोग
छत्तीसगढ़ राज्य में यह पहली बार होगा जब सफारी के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया जाएगा। फिलहाल भोरमदेव अभ्यारण्य में मारुति जिप्सी और महिंद्रा जीओ जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों से ट्रायल किया जा रहा है। ट्रायल अब तक भोरमदेव, बकोदा, कोकोआ, जामुनपानी और बांधा मार्गों में सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। अन्य मार्गों पर ट्रायल प्रक्रिया अभी भी जारी है।
पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा प्राथमिकता
पूर्व में भोरमदेव में पेट्रोल वाहनों के माध्यम से सफारी चलाई जाती थी, जिससे उत्पन्न शोर के कारण वन्यप्राणी असहज हो जाते थे और पर्यटकों को भी जीवों के दर्शन कम हो पाते थे। लेकिन अब शोर रहित इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से न केवल वन्यजीवों को कम परेशानी होगी बल्कि उनकी उपस्थिति भी ज्यादा देखने को मिलेगी।
बारिश के बाद शुरू होगी नियमित सफारी
सभी मार्गों पर ट्रायल पूर्ण होने के पश्चात, वाहनों की परफॉर्मेंस के आधार पर उपयुक्त मॉडल का चयन कर सफारी वाहन खरीदे जाएंगे। योजना के अनुसार, वर्षा ऋतु के उपरांत नियमित सफारी का संचालन प्रारंभ किया जाएगा।
इस पहल से न केवल पर्यावरण की रक्षा होगी, बल्कि भोरमदेव क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार और स्थानीय विकास को भी बल मिलेगा।





