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बाबू पर अनियमितताओं की शिकायत लेकर ग्रामीण पहुंचे कलेक्टर कार्यालय… अनेक मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन….. धरना प्रदर्शन की चेतावनी

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ज्ञापन में कहा गया है कि

जल प्रबंध संभाग रुद्री कोड नं-38 के बाबू (सहायक ग्रेड-02) के द्वारा विभाग में लाखों रुपये का भष्टाचार स्वयं व विभाग के द्वारा कराये गये आर्थिक अनियमिताएं व भष्टाचार पर कार्यवाही करने बाबत्। उपरोत संदर्भ में निवेदन है कि जल प्रबंध संभाग रुद्री में लगभग 25 वर्षो से
अपने पिता स्व. श्री रामकिशन शर्मा जो के भृत्य के पद पर कार्यरत थे, (विभाग में) उनके स्वगवास उपरांत अनुकम्पा नियुक्ति निम्न श्रेणी लिपिक के पद पर (सहायक -03)
गोपाल शर्मा की नियुक्ति हुई थी। जिनके द्वारा निम्न श्रेणी लिपिक के पद पर रहते हुए लाखों करोड़ का भष्टाचार विभागीय अधिकारियों को अपने भष्टाचार में लिप्त कर करोडो का चुना लगाया गया है।

1. निम्न श्रेणी लिपिक के पद पर 25 वर्षो तक रहते हुए, संभाग में बाबूगीरी करने के अलवा तकनीकी अमले में दखल अंदाजी कर भय का वातावरण आधिकारियों एवं
कर्मचारियों के बीच में नियमित कर गैर तरीके से भष्टाचार कर लाभ प्राप्त करना ।
2. निम्न श्रेणी लिपिक के पद पर रहते हुए गंगरेल कंट्रोल रूम का इंचार्ज बनना शासन के नियमों को दिए जबकि किसी भी रह हाउस कंट्रोल रूम का इंचार्ज
उपअभियंता या अनुविभागीय अधिकारियों को बनाया जाता है। सिंचाई विभाग के किस प्रावधान में है, कि एक निम्न श्रेणी लिपिक को गंगरेल कंट्रोल रूम का इंचार्ज बनाया गया है पूर्व में उपअभियंता या अनुविभागीय अधिकारी ही कंट्रोल रूम का इंचार्ज बनाया जाता था। भष्ट बाबू के सामने विभाग भी नत गस्तक है। आखिर क्यो ?

3. उक्त बाबू के द्वारा आवास आबंटन के नाम पर हजारों रुपये का लेन-देन कर निवास आवंटन किया जाता है जो कि सर्वविधित है।

4. जल प्रबंध संभाग रुद्री के द्वारा रुद्री चौक में पूर्व में जनहित को ध्यान में रखते हुए यात्री प्रतिक्षलय का निर्माण जल प्रबंध संभाग के द्वारा किया गया था, जिसका लाभ
आमजन ले रहे थे लेकिन उक्त बाबू के द्वारा यात्री प्रतिक्षलय को डिस्मेंटल कर युनियन का कार्यालय बनाया गया था। इसमें भी रास नही आया तो पुनः डिस्मेंटल कर दुकान बनाकर कृष्णा मोबाइल सेन्टर से लेन-देन कर बेच दिया गया शासन की प्रापर्टी को बेचना जनहित के विरुद्ध में काम करना आखिर विभाग मौन क्यों है ?

5. जल प्रबंध संभाग रुद्री के अंतर्गत आने वाले उपसंभाग (1) उपसंभाग कमांक-09 गंगरेल (2) उपसंभाग क्रमांक 01 गंगरेल (3) पी.ए. एम.एल उपसंभाग रुद्री, (4) म.ज.प. बांध उपसंभाग क्रमांक 01 मंचका (सोदूर) (5) उपसंभाग क्रमांक – 10 दुधावन (8) उपसंभाग क्रमांक-08 गुरुर बाँधी व नहर के रखरखाव, विश्रामगृह की रखरखाव, रेस्ट हाउस की रखरखाव के नाम पर ठेकेदारों से रजिस्टेशन की कॉपी इकट्ठा कर लाखो रुपये का पीस वर्क स्वीकृत कर वर्क आर्डर ठेकेदार के नाम से जारी कर उक्त कार्य की प्रगति माप पुस्तिका में कार्य की प्रगति दर्ज या तो भ्रष्ट बाबू वा संभाग के सीएम(ड्राफ्टसमेन) या ए.डी.एम. वा अन्य के द्वारा विभाग के किस प्रावधान में है। उक्तकार्य की जानकारी ठेकेदार को जानकारी मालूम ही नहीं कि मेरा साईड कहां है मैंने

कार्य कहां किया है चेक कटने के उपरांत 14% की राशि ठेकेदार अपने पास रखकर

बाकी की राशि उक्त बाबू को नगद निकलकर दिया जाता है वहां से बंदरबाट इस

प्रकार से शासन से लाखों रुपये का चुना लगाया जा रहा है।

6. उक्त बाबू के द्वारा कर्मचारियों के एरियर्स निकालने के नाम पर भारी मात्रा में लेनदेनकर्मचारियों पर धौस बताकर करता है। कर्मचारी व आम नगरिक भी बाबू के त्रस्त है।

7. गंगरेल कंट्रोल रूम के रखरखाव सामग्री खरीदी के नाम पर फर्जी बिल बताकर जल प्रबंध संभाग के द्वारा लगाया जा चुका है आश्चर्य है कि संभाग, उपसंभागों को ऐजेंसी निर्धारित करती है लेकिन जल प्रबंध संभाग के द्वारा ही फर्जी माप पुस्तिका में बाबू या अन्य के द्वारा दर्ज कर लाखों रुपये का चूना शासन को लगाया जा चुका है। जबकि प्रावधान के तहत संभाग के द्वारा उपसंभाग को ऐंजेंसी बनायी जाती है और सभी कार्यों व सामग्री खरीदी का मूल्यांकन उप अभियंता के द्वारा, भौतिक सत्यापन अनुविभागीय अधिकारी के द्वारा करने का प्रावधान है। नियम की धज्जियां उड़ाते लखों रुपये का चूना शासन को लगाया जा रहा है।

8. उक्त बाबू के द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति में लाखों रुपये का लेनदेन करना सर्वविदित है यहां तक कि नियमों को ताक में रखते हुए (शासन के प्रावधनों को) शासन से छुपाकर ऐसे कई अपात्र को भी पात्र बताकर गलत जानकारी शासन को भेजकर अनुदिलायी गयी है।

9. हद हो गई पिस वर्क के नाम से धमतरी के ठेकदारों का रजिस्ट्रेशन भी उक्त बाबू को कम पड़ गया, ऐसे स्थिति में उक्त बाबू के द्वारा बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, अम्बिकापुर के ठेकेदारो का रजिस्ट्रेशन कर पीस वर्क सप्लाई के नाम से लाखों रुपये का चुना शासन को लगाया जा चुका है।

10. उक्त निम्न श्रेणी के लिपिक के पद पर रहते हुए इसके द्वारा अकूत संपत्तियां तय कीगई है। अब प्रश्न यह उठता है कि एक निम्न श्रेणी लिपिक पद पर रहते हुए कुछ महिने पूर्व भी सहायक ग्रेड- 02 पर पदोन्नति हुई है किसी भी प्रकार से इनकी पुस्तैनी सम्पत्ति नही थी इनके ससुर स्व. अग्रवाल भी अपने पुत्री को किसी प्रकार से पुस्तैनी सम्पत्ति नही थी । 

सहायक ग्रेड-02 जल प्रबंध संभाग रुद्री के द्वारा निम्नलिखित बेनामी संपत्तिया आर्जित की गयी है

1. शिव किशोरी पिता गोपाल शर्मा खसरा नं. 405/1 म.न.नं.-45 रुद्री कुल क्षेत्रफल6382 (पांच हजार तीन सौ विधासी वर्गफीट) अनुमानित लागत 50,00000 (पंचासलाख) इस भूमि में दो मंजिला आलीशन भवन लाखों रुपये से निर्मित है। उपर स्कूल संचालन (कीड्स) के नाम से।

2.  खसरा नं. 400/4 प.ह.नं.-45 रुद्री कुलक्षेत्रफल 2150 (इक्सीस पचास वर्गफीट) लागत लगभग 25 लाख रुपये उक्त भूमि मेंलाखों रुपये की लागत से आलीशन भवन निर्माण (दो मंजिला) निर्माण कार्य पूर्ण होनेजा रहा है।

3.  खसरा नं. 490 प.ह.न. 43 ग्राम मुड़पार कुलक्षेत्रफल 20500 वर्गफीट (बीस हजार पांच सौ वर्गफीट) ।

4. खसरा नं. 76 / 46 प.ह.न.35 ग्राम गोकूलपुर कुलक्षेत्रफल 1600 वर्गफीट अनुमति लागत (बीस लाख) इनके अलावा करोडो कीसंपत्तियां अर्जित की गई है। यह एक जांच का विषय है।

 

उक्त बाबू तृतीय श्रेणी लिपिक रहते हुए जल प्रबंध संभाग में लाभ के पदों मेंरहते हुए लाखों रुपये का सम्पत्ति का मालिक है अचल सम्पत्ति के अलावा चल सम्पत्ति भीभारी मात्रा में है एक वरिष्ठ शासकीय सेवक को अपना एक आवास बनाने में संपूर्णजीवनकाल निकल जाता है, और अपनी परिवारिक जिम्मेदारियों का वहन करते हुएसेवानिवृत्त हो जाता है। फिर अपना आवास (घर) मुश्किल से ही बना पाता है।लेकिन उक्त बाबू लिपिक कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार कर जनहित के पैंसों कादुरुपयोग कर करोड़ो की संपत्तियां अर्जित की है। अतः निवेदन है कि ऐसे भ्रष्ट कर्मचारी केविरुद्ध जांच की कार्यवाही करते हुए जल प्रबंध संभाग से तत्काल हटाकर अनियंत्र भेजा जायेताकि जांच में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो न ही साक्ष्यों को छुपाया जा सके।जल प्रबंध संभाग के कर्मचारियो / अधिकारियों को इनके भय से मुक्त किया जा सके इसकेभय से आम कर्मचारी डरे व सहमें हुए है उक्त संबंध में निष्पक्ष जांच कार्यवाही नही होती है।तो व्यापक जन आंदोलन की जायेगी जिसकी सभी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी ।और मेरे साथ किसी भी प्रकार की होनी अनहोनी घटना घटती है तो इसकी जवाबदारी उक्तबाबू की होगी।

प्रतिलिपि :-

1. माननीय श्रीमान केदार कश्यप जी सिंचाई एवं वनमंत्री छ०ग० शासन रायपुर ।

2. मा. श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जिला धमतरी छ०ग०

3. मा. मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन रायपुर ।

4. मा. श्रीमान सचिव जल संसाधन छत्तीसगढ़ शासन नवा रायपुर

5. मा. श्रीमान प्रमुख अभियंता जल संसाधन छ०ग० शासन शिवनाथ भवन नवा रायपुर

6. मा. श्रीमान मुख्य अभियंता महानदी जलाशय परियोजना छत्तीसगढ़ शासन रायपुर

7. मा.श्रीमान अधीक्षण अभियंता म.ज.प. बांध मण्डल रुद्री जिला-धमतरी (छ०ग०)

 

आवेदक

सुशांत राव कानपिल्लेवार

पूर्व संरपंच ग्राम पंचायत रुद्री

सकिय कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी

तह0 व जिला-धमतरी (छ०ग०)

मो. नं. 70675-60139

3/02/2025

 

 

 

इस मामले में जिला कलेक्टर ने कहा कि शिकायत को जांच के लिए भेजा गया है।

 

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