
धान खरीदी में गड़बड़झाला..
किसान और प्रबंधक के सांठगांठ कर धान खरीदी आंकड़ों में हेर फेर….
प्रबंधक और प्राधिकृत का जवाब गोल मोल
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के धान खरीदी में केंद्रों में गड़बड़झाला का मामला सामने आया है। जिले का एक धान खरीदी में अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसमें बड़े किसान और खरीदी केंद्र के प्रबंधक की मिलीभगत से गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। धान खरीदी में सरकारी नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है दस्तावेज में हेरफेर कर धान खरीदी के आंकड़े बढ़ाए जा रहे है।

आपको बताते चलें कि पूरा मामला बालोद जिला गुरूर विकासखंड मुख्यालय पर संचालित एक धान खरीदी केंद्र जहां पर प्रबंधक और किसान की मिलीभगत से खरीदी आंकड़ों में बढ़ोतरी हेर फेर कर, प्रबंधक अपनी निजी जेब भरने किसान को लाभ पहुंचा रहे हैं।
मिली जानकारी मुताबिक एक किसान का टोकन अधिक मात्रा में काटा जाता है लेकिन धान निर्धारित मात्रा से कम मात्रा में लाया जाता है, दोपहर से पहले उक्त किसान का तौल पूर्ण कर लिया जाता है, तौल में धान की मात्रा कुल मोटा पतला मिलकर 216 कट्टा/बोरा धान तौल होता है लेकिन दिन ढलते ढलते तौलक पर्ची रात्रि 8 बजे किसान को बुलाकर दिया जाता है जिसमें तौलक पर्ची में 438 बोरी धान 175.20 क्विंटल धान खरीदी का आंकड़ा दिया जाता है।
मामला साफ़ है इसमें किसान और प्रबंधक समेत खरीदी केंद्र के कर्मचारियों की मिलीभगत से इस आंकड़े बढ़ाने के कार्य को अंजाम दिया जाता है।

इस मामले में प्रबंधक द्वारा पहले CCTV दिखाने हेतू सहमति जताई गई,cctv operator की अनुपस्थित में रविवार का समय दिया गया लेकिन इनकी काली करतूत पकड़ में न आए इसलिए प्रबंधक द्वारा गोल मोल जवाब दिया जाने लगा, वहीं इस मामले प्राधिकृत का कहना है कि किसान पहले से धान को लाकर धान खरीदी केंद्र में रखा था टोकन बाद में कटा, और प्रबंधक का कहना है कि पूरा धान टोकन जारी दिन ही लाया गया है, और इसका पूरा रिकॉर्ड cctv में उपलब्ध है लेकिन वह पत्रकार टीम को cctv दिखाने अनुमति की मांग करने लगे। वही पत्रकारों के द्वारा जानकारी मांगने पर प्रबंधक द्वारा अपना मोबाइल बंद कर दिया जाता है, एक सप्ताह से, मोबाइल बंद कर, समिति से नदारद हो जा रहे हैं, जिससे कई किसान उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे है, उक्त मामले पर जिला के अधिकारियों से संपर्क किया गया, जिस पर जिले के अधिकारियों द्वारा जांच कार्यवाही करने का आश्वास दिया गया है, अब आगे देखना होगा, कि मामले को लेकर उच्च अधिकारी द्वारा क्या कार्यवाही किया जाता है, कहीं आम जन चर्चा में किसानों एवं ग्राम वासियों द्वारा कहना है कि, उक्त प्रबंधक कई वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ है, जिसके चलते उनके ऊपर कोई अधिकारी कार्यवाही नहीं करते, सभी अधिकारियों से मधुर संबंध बताए जाते है, इसलिए तो किसानों से सीधे मुंह बात नहीं करते, कई बार शिकायत होने पर भी, कुछ नहीं होता,उन्हें उच्च अधिकारियों का वरदहस्त हासिल है ,,,।

खुलेगा परत दर परत सच्चाई,
एपिसोड 1, धान खरीदी,
चुनेश साहू 7049466638





