कवर्धा : ठंड की ठिठुरन को वन में निवास करने वाले वनवासी ही समझ सकते है कि कैसे इस ठिठुरन की सामना करते हुए अपनी जीवन निर्वाह कर रहे हैं।
हिन्दू धार्मिक संस्थान “अघोरपीठ” श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान देवस्थानाम द्वारा मानव समाज कल्याण हेतु अपनी दायित्व यथा संभव पूर्ण करने की कोशिश करती है।
छत्तीसगढ़ की पंडरिया आश्रम के द्वारा कड़ाके की ठंड में शीत निवारण हेतु इस वर्ष की दूसरी बार गर्म कपड़े व बच्चों, पुरुषों, महिलाओं के कपड़े वितरण किया गया।
जहां 145 नग कंबल रंगीन, व काले रंग की बांटे गए। 17 दिसम्बर मंगलवार को यह पुण्य कार्य कबीरधाम जिले व छत्तीसगढ़ की अंतिम शरहद पर बसे गांव तेलियापानी लेदरा ग्राम पंचायत का आश्रित ग्राम मराडबरा जहां सबसे ज्यादा कड़ाके की ठंड मापा जाता है। रात्रि कालीन मध्य रात्रि में इन दिनों 8 से तापमान 10 के मध्य रहती है।
दूरस्थ घाटियों से खतरे भरी सड़कों से गुजर कर ही यहां पहुंचा जा सकता है। जहां श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान देवस्थानाम अघोरपीठ के सदस्यों द्वारा आश्रम में बतलाई गई विधि जनमानस कल्याण की चेष्टा, भाव से वृद्ध,युवा तथा संतान पालन वाली माताओं को शीत से बचाने के उद्देश्य से कंबल वितरण किया गया।जहां बच्चों को टॉफी, बिस्किट भी प्रदान किया गया जिसमें बच्चों के मन में खुशी की लहर भी देखने को मिल रही थी।
श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान के द्वारा प्रत्येक वर्ष जन मानस कल्याण उत्थान व स्वस्थ जीवन सहित अनेक प्रकार की जनहित शिविर अथवा कार्यक्रम कराए जाते हैं। इस वर्ष भी 25 नवंबर को पंडरिया में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर सह निःशुल्क चश्मा वितरण किया गया था।
इस कार्य के लिए श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान देवस्थानाम अघोरपीठ के सदस्यों की सराहना किए। इस तरह के कार्यों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
लोगों को एक दूसरे से समानता और जन सेवा की भावना रखते हुए जीवन का यश प्राप्त करना चाहिए।इस सेवा श्रम भूमिका में बिलासपुर से जितेंद्र सिंह चौहान, सेंमकचुआ से छोटू धुर्वे, पंडरिया से अजय जांगड़े व कान्हा सारथी की योगदान रहा।








