
*नशीले टेबलेट और सीरप बेचने वालों पर होगी कार्यवाही__सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी*
*जांच टीम भेजकर किया जाएगा निरीक्षण__कलेक्टर*
*संचालक के पहुंच और सांठगांठ के चलते जिम्मेदार लकवाग्रस्त…*
छग/धमतरी:_
आपराधिक वारदातों और दुर्घटनाओं के पीछे अक्सर नशा भी एक कारण होता है, लेकिन प्रतिबंध के बावजूद मेडिकल स्टोरों पर इनकी खुलेआम बिक्री हो रही है।
इससेसबसे ज्यादा युवा प्रभावित हो रहे हैं। लेन-देन की गुणा-गणित होने से संबंधित विभाग भी आंखें मूंदे है।
नशे के लिए इस्तेमाल होने वाले इन दवाईयां व इंजेक्शन अभी भी मेडिकल स्टोरों पर बिक रहे हैं। सूत्रों ने बताया है कि कुछ निजी नर्सिंग होम/क्लिनिक सह मेडिकल स्टोरों पर खुलेआम प्रतिबंधित दवाइयां बगैर किसी चिकित्सक की सलाह के बेची जा रही हैं। इनका किसी भी तरह का रिकार्ड भी नहीं रखा जा रहा है। पांच रुपये से तीस रुपये के बीच बिकने वाली ये नशे की गोलियां और इंजेक्शन का इस्तेमाल पूरे घातक है।
वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि नशा कैसा भी हो, वह मस्तिष्क की सोचने-समझने की क्षमता कम कर देता है। इसकी वजह से नशा करने वाला कई बार हिंसक हो जाता है और घटना भी अंजाम दे देता है।
इन सबसे बेपरवाह औषधि निरीक्षण विभाग आंखें मूंदे बैठा है। सूत्रों की माने तो जिला मुख्यालय में मेडिकल स्टोरों पर नशे में इस्तेमाल होने वाले साल्टों वाली दवाइयां और इंजेक्शन बिक रहे हैं। वहीं इसकी जानकारी औषधि विभाग के कुछ एक निरीक्षक को भी है लेकिन निजी अस्पताल सह मेडिकल संचालक के बड़े पहुंच और साठ गांठ के चलते कार्यवाही करने की हिमाकत नहीं करते।
वहीं इस मामले पर महासमुंद लोकसभा सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने नशीले पदार्थों की बिक्री और उपयोगिता पर नकेल कसने की बात कही है साथ ही कलेक्टर और संबंधित विभाग को उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए ।
इसके साथ ही जिला कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी ने कहा कि निजी अस्पताल सह मेडिकल और मेडिकल स्टोर्स पर प्रतिबंधित दवाई और नशीली टेबलेट सीरप की बिक्री पर विभाग को चेकिंग सैंपल और निरीक्षण कर उचित कार्यवाही करने निर्देशित करने कहा है।
बहरहाल प्रशासन ने प्रतिबंधित नशीली दवाओं सीरप पर कार्यवाही करने के निर्देश करने की बात तो कही है लेकिन धमतरी शहर के मुख्य चौक जो जिला मुख्यालय को जोड़ता है वहीं स्थित एक निजी अस्पताल सह मेडिकल संचालक इसके साथ ही पूर्व में नशीली टेबलेट और सीरप में लिप्त एक मेडिकल संचालक जिनके ऊपर कार्यवाही हुई थी लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आकर धड़ल्ले से दूसरे मेडिकल के नाम का संचालन पुराने धंधे प्रतिबंधित टेबलेट और सीरप की बिक्री धडल्ले से जारी है।
वहीं सूत्र बताते हैं कि उक्त निजी अस्पताल सह मेडिकल संचालक के बड़े पहुंच और पुलिस के कुछ व्यक्तियों से गहरी नाता, सांठगांठ के चलते पुलिस भी कार्यवाही करने से कतरा रहे हैं।





