hindmedianews
Breaking News
कबीरधामछत्तीसगढ़देश-विदेशब्रेकिंग न्यूज़

अपर कलेक्टर ने ग्राम ढोंगईटोला में डिजिटल क्रॉप सर्वे (डिजिटल गिरदावरी) का किया निरीक्षण 

IMG-20250714-WA0596
previous arrow
next arrow

“जन सम्पर्क समाचार”

कवर्धा, 2 अक्टूबर 2024। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के निर्देशानुसार कबीरधाम जिले में डिजीटल क्रॉप सर्वे किया जा रहा है। जिसके तहत पटवारी सहित अन्य राजस्व अधिकारी खेतों में जाकर सर्वे का कार्य कर रहे है। अपर कलेक्टर श्री निर्भय साहू ने तहसील बोड़ला के ग्राम ढोंगईटोला में डिजिटल क्रॉप सर्वे (डिजिटल गिरदावरी) का निरीक्षण एवम् सत्यापन किया।

डिजिटल क्रॉप सर्वे में सर्वेयर की भूमिका जियो फ्रेंस के रूप में हो रही है, जो डिजिटल रूप से फसल का सर्वे सभी खेतों में जाकर किया जा रहा है। सर्वेयर को प्रतिदिन 30 से 50 खसरों का टास्क दिया गया। जिसे सर्वेयर खेत में जाकर लॉगिन कर रहे है। उनसे तहसीलदार पूछेंगे क्या आप अवलेबल हैं और हां में जवाब आएगा। वैसे ही एप में प्लॉट की स्थिति, खसरा नंबर, एरिया ऑनर का नाम अपने आप फीड हो जायेगा। जो क्रॉप लगी है उसका तीन फोटो लॉन्गिट्यूट लैटिट्यूट के साथ अपलोड करना है। इस प्रकार एक नंबर का कार्य पूर्ण होगा। जिसमें पटवारी की भूमिका पर्यवेक्षक और राजस्व निरीक्षक की भूमिका सत्यापनकर्ता तथा तहसीलदार व नायब तहसीलदार की भूमिका जांचकर्ता अधिकारी के रूप में की गई है।

सर्वेक्षकों द्वारा संपादित सभी खसरे आरआई के पास नहीं आयेंगे। सर्वेक्षकों द्वारा सर्वे किये गए खसरे पटवारी के पास आयेंगे। पटवारी या अनुमोदन करेगा या रिसेंड करेगा। पटवारी द्वारा दो बार रिजेक्ट होने की स्थिति में आरआई के आईडी में आयेगा। ऐसे खसरों की संख्या बहुत कम होगी, जहां मौके में जाकर आवश्यकतानुसार सत्यापन किया जाएगा। उक्त प्रशिक्षण में बताया गया है कि फील्ड में क्या बोया गया है फसल की जींस का नाम, मिश्रित फसल की स्थिति में सभी फसलों का अनुमानित रकबा, सिंचित- असिंचित फसल, एकवर्षीय या बहुवर्षीय, सीजनल फसल की जानकारी आदि भरी जायेगी। सर्वेयर द्वारा साफ्टवेयर में बोये गये जींस व एकल व मिश्रित फसल की स्थिति में बोये गये फसल या पड़त रकबा की अनुमानित प्रविष्टि करेगा।

जब तक साफ्टवेयर में जियोरिफ्रेंस्ड रकबा के अनुसार सर्वे किए गए रकबा का योग एक समान नहीं आयेगा, तब तक डेटा सेव नहीं होगा। सर्वेयर किसी भी खसरा नंबर की भूमि के मेड़ में खड़े होकर फोटो कैप्चर नहीं करेगा। यदि ऐसा वे करते हैं तो आसपास के खसरा नंबर के लैटलांग मिस्डमैच होगा। इसलिए सर्वेयर प्रत्येक खसरा नंबर की भूमि के अंदर कम से कम मेड़ से 10 मीटर की दूरी पर जाकर प्रयोग संपादित करेगा। यदि पिक्चर में गेहूं फसल दिख रहा पर सर्वेक्षक ने धान प्रविष्ट किया हो अथवा प्लाट खाली है और फोटो गन्ना का अपलोड किया है, तो वही डेटा को पटवारी रिसेंड करेगा। सर्वेक्षक सुधार कर फिर से पटवारी को भेजेगा। यदि पटवारी पुनः रिजेक्ट करता है तब आरआई के आईडी में आयेगा। पटवारी द्वारा परंपरागत ढंग से की जाने वाली गिरदावरी से यह फिलहाल अलग है। धान खरीदी पटवारी द्वारा की गई गिरदावरी के आधार पर की जाएगी।

डिजिटल क्राप सर्वे उन्हीं ग्रामों में की जायेगी, जहां जियोरिफ्रेंसिंग का सेकेंड लेवल कार्य का संपादन हो गया है। सभी ग्रामों के खसरा नंबरों में नहीं की जाएगी। यह शासन की बहुआयामी योजना है। सकारात्मक ढंग से इस कार्य का संपादन करना है। साफ्टवेयर बहुत ही आसान बनाया गया है। किसी भी वर्जन के एंड्रॉयड मोबाईल में प्रयोग किया जा सकता है, जिसमें ये सपोर्ट करें। इसके लिए जिले में पटवारी,आरआई को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

संबंधित पोस्ट

कबीरधाम में डिजिटल शिक्षा क्रांति का वनांचल तक विस्तार स्मार्ट क्लासेज से कठिन विषयों की बुनियादी समझ होगी मजबूत – उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

Sakshi Bansod

रोजगार के नाम पर राज्य सरकार ने युवकों के साथ किया छल — आकाश शर्मा

Chunesh Sahu

*साहू समाज तहसील बालोद में निर्वाचन संपन्न*

Chunesh Sahu

चक्रवात ‘Cyclone Ditwah’ — भयावह तैयारी: तमिलनाडु-पुडुचेरी तट, श्रीलंका में भारी तबाही

Sakshi Bansod

पांडातराई मदिरा दुकान के आसपास अवैध चखना दुकानों की भरमार,आबकारी विभाग की अनदेखी से बढ़ रहा गंदा कारोबार

hindmedianews

स्लग — हिड़मा के बाद बड़ी सफलता: जोगा उर्फ़ टेक शंकर समेत 7 नक्सली ढेर, भारी मात्रा में हथियार बरामद

Sakshi Bansod