पंडरिया : कबीरधाम जिले का का एक मात्र समिति जो बेजुबा, पशुओं की सेवा के लिए गठित है जिसे बेजुबा सेवा समिति के नाम से जाना जाता है। समिति के द्वारा किए गए और किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा जितना भी किया जाए कम है आखिर उनका उद्देश्य ही कुछ ऐसा है, यहाँ कुत्ते, बिल्ली, गाय, बंदर सहित जितने पालतू पशु, पक्षी की अचानक होने वाली दुर्घटना से अपंग हो जाना या फिर चाहे खून से लथपथ अवस्था में रहे समिति के द्वारा सूचना मिलते ही वहा पर अपनी मानवता दायित्व को निभाने पहुंच जाते हैं।
विशेष रुप से गौ सेवा में ये अपनी भूमिका बखूबी निभाया करते हैं, इस समिति की विचार धारा वास्तव में मिशाल देने योग्य है।पिछले वर्ष 2023 अप्रैल में इनके द्वारा नगर पंचायत पंडरिया क्षेत्र गौ सेवा समर्पित भाव से जगह जगह पर छोटा टैंक जिसे स्थानीय भाषा में कोटना कहा जाता है उसे रखा गया जिससे चिलचिलाती धूप और असहनीय भीषण गर्मी में गौ माता तथा अन्य पशु पक्षी को पानी पिलाया जा सके।
यह उद्देश्य आज वास्तव में पूरे एक वर्ष बाद भी पूर्ण होते देखा जा सकता है।
शासन,प्रशासन को इस समिति से सिख लेने की आवश्यकता प्रशासनिक रूप से आम जनों के लिए करोड़ों अरबों की लागत से तरह तरह की सुख सुविधा उपलब्ध तो करा दिया जाता है पर मूक, पशुओं की सुविधा को नजर अंदाज कर दरकिनार कर दिया जाता है जो वास्तव में एक वैचारिक और सही सोच दृष्टि से देखा जाए तो गलत है।
शासन प्रशासन को एक व्यवस्था करना चाहिए जिससे कि इधर उधर भटक रहे पशुओं को संग्रहित कर उनकी व्यवस्था सुचारू रूप से किया जा सके जिससे हमेशा सड़को में गायों की दुर्घटना से मौत हो जाना या गाय को बचाते हुए वाहन चालकों की भी दुर्घटना से मौत तथा अपंगता हो जाना जैसे समस्याओं से बचा जा सके।
हिंदुत्व को कुत्ता पालने के बजाय गाय पालने की आवश्यकता
आज भारतीय सभ्यता और हिन्दू बनाम अन्य में हिन्दू धर्म मानने वाले समुदाय को कुत्ते, बिल्ली पालने के बजाय गाय पालने की आवश्यकता है जिससे गौ माता की सेवा भी किया जा सके और बहुतेरे रूप से देश में होने वाले समस्याओं से बचा भी जा सके जिससे हिंदुत्व भी बनी रहे तथा बेजुबा सेवा समिति पंडरिया की सोच की ओर एक कदम बढ़ा जा सके क्योंकि इनके द्वारा किए गए कार्यों को शासन और प्रशासन भी नहीं कर सका है । वहीं शासन, प्रशासन को इस समिति की तरह कार्य करने की आवश्यकता जिससे पशुओं को आराम, राहत मिल सके।