
बालोद ,.…छत्तीसगढ़ धोबी समाज ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को नवरात्र पर्व पर होने वाले नातिन धोबिन दाई मेले का निमंत्रण दिया। साथ ही सहमति मिलने पर रजक महोत्सव का आयोजन करने की भी जानकारी दी। इसके साथ समाज के प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर के साथ आए विभिन्न जिला अध्यक्षों पर क्षेत्रीय अध्यक्षों ने कहा- अन्य राज्यों की तरह हमारे धोबी जाति को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाए, धोबी के कार्य केवल धोबी को ही मिले दूसरे जाति के लोग इस कार्य में डंका डाल रहे हैं उस पर रोक लगाई जाए यह व्यवस्था महाराष्ट्र में लागू है समाज के लोगों ने उदाहरण भी सप्रमाण प्रस्तुत किया।

मेडिकल कॉलेज, अस्पतालो, मल्टीनेशनल होटल में गैर धोबी जाति को वेंडर नहीं बनाने का अनुरोध किया और शर्त नियम में धोबी जाति के लोग ही भाग ले सके ऐसा नियम बनाने की मांग की गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समाज के लोगों की बातों को गंभीरता से लेते हुए कहा- जो मांग जायज है अवश्य पूरी की जाएगी। उन्होंने जोर दे करके कहा- नातिन धोबिन दाई देवी योग माया के प्रथम अवतार है हम लोगों ने सभी समाज के विषय पर गंभीरता से अध्ययन किया है, समाज के लोगों ने समाज के वरिष्ठ नेता तुलसी कौशिक को निजी सचिव बनाए जाने के लिए भी धन्यवाद ज्ञापित किया जिसमे प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज तक छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री तो बहुत बड़ी बात है किसी मंत्री ने भी निजी सचिव हमारे समाज के व्यक्ति को नहीं बनाया, ऐसी बात नहीं है कि धोबी समाज में योग्यता की कमी है लेकिन आरक्षण से वंचित यह समाज संपन्नता से कोसों दूर है। मुख्यमंत्री ने धोबी समाज को हर संभव सहयोग देने का वादा किया और लोकसभा चुनाव में समर्थन देने की अपील की। जिस पर प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर् ने कहा कि आप हमारे समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए अपने राष्ट्रीय पार्टी को प्रस्ताव भेजें कि वह इस मुद्दे को अपने घोषणा पत्र में शामिल करें फिर हम अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार कनौजिया को प्रस्ताव भेजकर पूरे देश में फरमान जारी करवा देंगे।

ताली दोनों हाथ से बजती है एक हाथ से नहीं, मया देदे और मया ले ले का रिश्ता निभाना ही होगा। इस अवसर पर प्रमुख रूप से समाज के प्रथम महामंत्री हेमंत निर्मलकर, धनेश्वर निर्मलकर, महासचिव बजरंगी छाटा, बिलासपुर जिला अध्यक्ष पवन निर्मलकर, दुर्ग जिला अध्यक्ष गोपाल निर्मलकर, राजनांदगांव जिला अध्यक्ष चैतराम निर्मलकर, रायगढ़ जिला अध्यक्ष रवि बरठ, प्रदेश अध्यक्ष रोशन निर्मलकर कोरबा, प्रदेश उपाध्यक्ष धमतरी जिला प्रभारी कार्तिक राम निर्मलकर, जिला युवा अध्यक्ष प्रभात सोनक्षत्र, राजधानी के अध्यक्ष वरुण निर्मलकर, युवा अध्यक्ष सुनील निर्मलकर, धरसीवां परिक्षेत्र के अध्यक्ष मंसाराम निर्मलकर, जांजगीर जिला संगठन प्रभारी महावीर कर्स, महासमुंद जिला अध्यक्ष बालमुकुंद निर्मलकर, कार्यवाहक युवा प्रदेश अध्यक्ष अंबे बाघमार, राजधानी के उपाध्यक्ष दयाशंकर निर्मलकर, बोधी राम निर्मलकर, रमेश निर्मलकर , कुंभ निर्मलकर, प्रदेश प्रवक्ता अमन निर्मलकर आदि अनेक पदाधिकारी ने अपनी बात मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। मुख्यमंत्री ने सभी पदाधिकारी के बातों को गंभीरता से लिया और आचार संहिता के बाद मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।





