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आदिवासी प्रतिभाओं का दिखा अद्भुत संगम

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आदिवासी प्रतिभाओं का दिखा अद्भुत संगम

 

आदिवासी समाज अपने गौरवशाली संस्कृति के कारण विश्वप्रसिद्ध है, इसके साथ आदिवासी समाज का इतिहास भी समृद्धशाली रहा है। छत्तीसगढ़ की धरती पर कुछ साल पहले एक नई क्रांति का उदय हुआ और अलग-अलग नामों से परिष्कृत होते हुए जोहार आदिवासी कला मंच के रूप में अपनी पहचान बनायी। 

इसी जोहार आदिवासी कला मंच के तत्वाधान में 26 नवंबर संविधान दिवस के शुभ अवसर पर प्रदेश स्तरीय वार्षिक सम्मान समारोह एवं काव्य पाठ का आयोजन नगरी नगर के हल्बा आदिवासी समाज भवन शक्ति सदन में रखा गया था। जिसमें छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से सैकड़ो की संख्या में आदिवासी कलाकार, कवि, लेखक,साहित्यकार, खिलाड़ी तथा कला प्रेमी अपनी आदिवासी वेशभूषा में शामिल हुए।

 

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे श्री अजय कुमार मंडावी जी पद्मश्री सम्मान से सम्मानित छत्तीसगढ़ के पहले आदिवासी व्यक्तित्व, अतिविशिष्ट अतिथि श्री रूपराय नेताम शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान छत्तीसगढ़ शासन, अति विशिष्ट अतिथि श्री जीवराखन लाल मरई जिला जिलाध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज,विशिष्ट अतिथि श्री उमेश देव तह.अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज, विशिष्ट अतिथि श्री रैनलाल देव अध्यक्ष हल्बा समाज तहसील नगरी, विशिष्ट अतिथि राम प्रसाद मरकाम अध्यक्ष गोंडवाना समाज तहसील नगरी, विशिष्ट अतिथि छेद प्रकाश कौशिल अध्यक्ष ध्रुव गोंड समाज तहसील नगरी, कार्यक्रम की अध्यक्षता पूरणमल ध्रुव प्रांतीय अध्यक्ष जोहार आदिवासी कला मंच ने किया । 

 

उपस्थित अतिथियों के कर कमलों से पेन पुरखा की अर्जी विनती के साथ गोंडी भाषा में राज गीत गाकर कार्यक्रम की शुरुआत की गई, गोंडी भाषा में राजकीय गीत की प्रस्तुति लया ज्योति मंडावी ने दी। संविधान के प्रस्तावना के वाचन के बाद उपस्थित अतिथियों ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन से आदिवासी समाज के होनहार प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में जोहार मंच की इस पहल का मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुई समाज में जागृति एवं अपने हक अधिकार को जानने एवं समझने की बात कही गई । समाज के कवियों द्वारा अलग-अलग विषयों पर काव्य पाठ किया गया । समाज के होनहार व्यक्तियों को आदिवासी गौरव सम्मान से नवाजा गया, इसके साथ पंजीकृत प्रतिभाओं का भी सम्मान किया गया। 

 

मुख्य अतिथि श्री अजय मंडावी जी ने आदिवासी समाज के प्रतिभाओं को आगे आने के लिए अपने अनुभव से सबको प्रेरित किया । अंत में संरक्षक श्री ईश्वर मंडावी जी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी अतिथियों, दर्शकों एवं आयोजक समिति का आभार व्यक्त करते हुए रेला पाटा के साथ कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की ।  

कार्यक्रम में अकबर राम कोर्राम, पुष्प लता नेमाम, बिंदा नेताम, हृदयनाग, मनोज साक्षी, प्रमोद कुंजाम, अरविंद नेताम, डोमार सिंह ध्रुव, जोहन नेताम, नरेश छेदैया, रामजी वट्टी के साथ अन्य सामाजिक गण एवं आदिवासी समाज के प्रतिभावान युवा-युवती और आयोजन समिति के समस्त पदाधिकारी, सदस्यगण उपस्थित रहे। 

 

कार्यक्रम प्रभारी एवं जिलाध्यक्ष भानुप्रताप कुंजाम ने बताया कि यहां कार्यक्रम वैसे तो छत्तीसगढ़ में खासकर जिला धमतरी के नगरी नगर में पहली बार हुआ है । जिसमें आदिवासी समाज के सैकड़ो प्रतिभाओं को एक मंच पर देखने और समझने का अवसर मिला। इस कार्यक्रम में लगभग सभी कलाकार लेखक एवं अन्य विधाओं में पारंगत आदिवासी बंधु अपने मूल वेशभूषा में दिखे जो बरबस लोगों को आकर्षित कर रहे थे ।  

 

इसके साथ लगभग दस कलाकारों की कला प्रदर्शन लगी थी जो लोगों के लिए बिल्कुल नया अनुभव था और काफी चर्चित भी रही ।  

इस कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी समाज के प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना एवं अपनी कला संस्कृति साहित्य को सहेज कर आगे बढ़ना था । 

आदिवासी गौरव सम्मान से सम्मानित व्यक्ति अमलेश नागेश- सुपरस्टार, कॉमेडी किंग। ओमी ओटी- कॉमेडी स्टार । काशी छेदैया -स्टार गायक। सुनील मंडावी- कॉमेडी स्टार। गजेंद्र पुजारी- एल्बम कलाकार। अनिल सलाम – कवि, गीतकार । डोमन लाल ध्रुव-साहित्यकार। सुरेंद्र राज ध्रुव- पत्रकार। भानुप्रताप कुंजाम -माइक्रो आर्टिस्ट, लेखक। योगेश मरकाम- ऑल इंडिया साइकिल राइडर। धनकुल लोक वाद्य यंत्र टीम मोदे। कला प्रदर्शनी के लिए दस कलाकारों का सम्मान किया गया। काव्य पाठ के लिए सत्रह कवियों का सम्मान किया गया। अलग-अलग क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीस कलाकारों को पंजीयन के आधार पर सम्मान किया गया। इस तरह लगभग सत्तर से ज्यादा आदिवासी रत्नों को सम्मान करते हुए जोहार आदिवासी कला मंच छत्तीसगढ़ ने एक नया इतिहास रचा।

 

चुनेश साहू 7049466638

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