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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने खिसोरा में किया स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की मूर्तियों का अनावरण, परिजनों से भी भेंट किया

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धमतरी, 11 जनवरी 2023/ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सिहावा विधानसभा के मगरलोड स्थित खिसोरा प्रवास के दौरान छः स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की मूर्तियों का अनावरण किया। इनमें स्वर्गीय श्री ताराचंद साहू, श्री देवनाथ पटेल, श्री अलखराम पटेल, श्री माधोराम पटेल, श्री भूखेलाल पटेल और स्वर्गीय श्री थानूराम बंछोर शामिल हैं। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों से भी भेंट किया।

1. स्वर्गीय श्री ताराचंद साहू- (1904-1976)- स्वर्गीय श्री ताराचंद साहू का जन्म-1904 में ग्राम भेंडरी (मगरलोड) में कृषक परिवार में हुआ। उन्होंने सन् 1926 में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। आपने अंग्रेजी शासनकाल में गांवों से संगठन बनाकर स्वदेशी वस्तुओं का प्रचार किया, जिसकी प्रेरणा इन्हें पंडित सुंदरलाल शर्मा एवं महंत लक्ष्मीनारायण दास से सतत मिलती रही। सन 1935-36 में आप रायपुर डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के सदस्य निर्वाचित हुए तथा स्वर्गीय पंडित रविशंकर शुक्ल के संपर्क में आए। सन् 1952 में “भारत छोड़ो आंदोलन“ में आपने सक्रिय भाग लिया। अंग्रेजी हुकूमत के चलते गिरफ्तारी की गई और कठोर कारावास की सजा भी दी गई। सन् 1952 में पांडुका विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए। सन् 1957 में कांग्रेस दल की ओर से कुरूद विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा के सदस्य निर्वाचित होकर क्षेत्र का मान बढ़ाया। अनेक वर्षों तक “कामधेनुधानी संघ“ रायपुर और छत्तीसगढ़ साहू संघ के अध्यक्ष रहे। विपणन संस्था मगरलोड के भी अध्यक्ष सहित लगभग 20 वर्षों तक खिसोरा पंचायत के अध्यक्ष तथा न्याय पंचायत के चेयरमैन रहे। 28 मई 1976 को इस स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का निधन हुआ। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय श्री ताराचंद साहू जी के परिवार को स्वतंत्रता की 50 वीं वर्षगांठ के अवसर पर केंद्र सरकार द्वारा ताम्रपत्र एवं राज्य शासन द्वारा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

2. स्वर्गीय श्री देवनाथ पटेल (सन् -1896 से 1959)-श्री देवनाथ पटेल का जन्म ग्राम खिसोरा, विकासखंड मगरलोड में 04 सितंबर 1896 को हुआ। बाल्यावस्था में माता-पिता का निधन हो जाने से अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सन् 1917 में डिस्ट्रिक्ट कौंसिल रायपुर के अधीनस्थ 10 रुपये मासिक वेतन में प्राइमरी स्कूल हसदा में मॉनिटर के पद पर नियुक्त हुए । निर्भीक व्यक्ति के धनी श्री देवनाथ पटेल 1921 में अस्पताल की नौकरी छोड़ रायपुर चले गए और वहां राष्ट्रीय विचारधारा के लोगों के संपर्क में आए। महंत लक्ष्मी नारायण दास, पंडित रविशंकर शुक्ल, पंडित सुंदरलाल शर्मा और नयापारा के जीवन लाल बोथरा एवं अन्य लोगों के संपर्क में आए। सन 1926 में डिस्टिक काउंसिल रायपुर के अधीन पुनः शिक्षक के पद पर प्राइमरी स्कूल हसदा में नियुक्त किए गए । सन् 1926 में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर शिक्षकीय कार्य करते रहे। पंडित सुंदरलाल शर्मा एवं नारायण राव मेघावाले के अनन्य सहयोगी रहे। देश सेवा के लिए आपने शिक्षकीय नौकरी से इस्तीफा दे दिया। सन् 1928 में गांधीजी के असहयोग आंदोलन में भाग लिया। सन् 1930 में जंगल सत्याग्रह के तहत फुलझर जंगल में जीवन लाल बोथरा, हिंछाराम तिवारी ,धौराभाठा वाले दिरबी ठेठवार एवं दमकाडीह वाले मंगल निषाद के साथ गिरफ्तार हुए। 04 माह के जेल सजा के साथ 60 रुपए का जुर्माना हुआ। सन् 1932 में विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार आंदोलन में भाग लिया। रायपुर में कीका भाई की दुकान पर धरना दिया और जिला कांग्रेस कमेटी के संचालन में भाग लिया। इसी दरमियान 3 माह की जेल व 30 रुपए का जुर्माना हुआ। जुर्माने की वसूली बर्तन आदि कुर्की कर दिया गया। राष्ट्रीय आंदोलन के लिए आपने अपने अनुज श्री अलख राम पटेल व एकमात्र पुत्र श्री माधो राम पटेल भतीजा श्री मुखे लाल पटेल को भी प्रोत्साहित किए। अंतिम सांस तक आंदोलन की बागडोर संभालते रहे। सन् 1968 में श्री देवनाथ पटेल का निधन हुआ। जबलपुर शहीद स्मारक ट्रस्ट की ओर से 75 रुपए का आजीवन मासिक पेंशन मिलता रहा। स्वतंत्रता की 50 वीं वर्षगांठ के अवसर पर 15 अगस्त 1997 को माननीय श्री दिग्विजय सिंह जी मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्वतंत्रता संग्राम में स्मरणीय योगदान के लिए राज्य की ओर से आपके परिवार को प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया।

03. स्वर्गीय श्री अलख राम पटेल (सन् 1910-1962 )

आपका जन्म सन् 1910 में खिसोरा ग्राम में हुआ ।पिता का नाम श्री पुरुषोत्तम पटेल था। सन् 1924- 25 में बड़े भाई श्री देवनाथ पटेल देश सेवा के कार्य में जुट गए तब परिवार की जवाबदारी बढ़ गई और कृषि कार्य में जुट गए। सन् 1927 में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर संस्थागत कार्य करने लगे। सन् 1937 में खादी ग्रामोद्योग रायपुर में भर्ती हो गए। सन् 1936 में डिस्ट्रिक्ट कौंसिल रायपुर के अधीनस्थ शिक्षक के पद पर तेंदूकोन्हा ( महासमुंद तहसील) में नियुक्त हुए। गांव में शिक्षकीय कार्य करते हुए राष्ट्रीय जन जागरण में लगे रहे। त्रिपुरी कांग्रेस अधिवेशन में भी भाग लेने गए थे । सन् 1942 में नौकरी से त्यागपत्र देकर गांधी जी के नेतृत्व में भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिये जिससे डिफेंस आफ इंडिया अधिनियम की धारा 129 (1), 26 (1), 38(1),(ए), 34 (इ),जी. डी. आई. आर. के तहत 6 माह तक रायपुर केन्द्रीय जेल में सजा हुई। अंग्रेजी शासन के खिलाफ लड़ाई में आपका योगदान रहा। सन् 1945 में पुनः जनपद सभा धमतरी के अधीनस्थ शिक्षक पद पर नियुक्ति हुई लेकिन सन् 1960 में राजनीतिक षड्यंत्र के शिकार होने के कारण शिक्षक पद से त्यागपत्र दे दिए। स्वतंत्रता संग्राम में अविस्मरणीय योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा सन् 1972 में ताम्रपत्र एवं पारिवारिक पेंशन योजना के तहत सरकार से सहायता प्राप्त होता रहा। 25 जनवरी 1982 को निधन हुआ।

4. स्वर्गीय श्री माधो राम पटेल (1918-1989)- श्री माधो राम पटेल का जन्म ग्राम खिसोरा विकासखंड मगरलोड में सन् 1918 में हुआ। पिता का नाम श्री देवनाथ पटेल था। सन् 1934 में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर देश सेवा में लग गए तथा जीवन भर कांग्रेस के सिद्धांतों के अनुसरण किये। सन् 1942 में गांधीजी के भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेकर अपने नेतृत्व में गांव- गांव में घूमकर अंग्रेजी शासन के खिलाफ नारे लगाए जिसके कारण अनेक साथियों सहित आपकी गिरफ्तारी हुई । भारत छोड़ो आंदोलन में डिफेंस आफ इंडिया रूल्स अधिनियम की धारा 126 (1), 26(1), 38(1) (अ) , 38(1), 134(इ)(जी) डी.आई.आर. के तहत 6 माह तक रायपुर केंद्रीय जेल में सजा हुई। जेल से वापस आने के बाद कांग्रेस के सदस्य रहे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय श्री ताराचंद साहू के प्रमुख सहयोगी रहे। सन् 1947 में देश स्वतंत्र होने के बाद सन् 1949 में ग्राम पंचायत गठन होने पर पंच नियुक्त हुए। गांव में न्याय पंचायत के भी सदस्य रहे। सन् 1947 में देहात दीपक नाटक मंडली का निर्माण किया एवं अपने निर्देशन में नाटक लीला का प्रदर्शन कर क्षेत्र में नई उपलब्धी हासिल किया। सन् 1963- 64 में सरपंच पद पर रहते हुए ग्राम पंचायत भवन का निर्माण कराये। सन् 1973 में जनपद सभा सदस्य एवं शिक्षा विभाग के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। स्वतंत्रता आंदोलन में स्मरणीय योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा सन् 1972 में ताम्रपत्र प्रदान किया गया। सन् 1989 निधन हुआ।

5. स्वर्गीय श्री भूखे लाल पटेल (1921-1999)-श्री भूखे लाल पटेल का जन्म ग्राम खिसोरा,

विकासखंड मगरलोड में सन् 1921 में हुआ। आपके पिता का नाम श्री गणेश राम पटेल था। सन् 1942 में अग्रज श्री माधो राम पटेल के नेतृत्व में गांधीजी के भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेकर नारा लगाये जिसके कारण अंग्रेजों ने 6 माह की सजा याप्ता सुना दी। स्वतंत्रता की 50 वीं वर्षगांठ के अवसर पर दिनांक 15 अगस्त 1997 को प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। सन् 1999 में आपका निधन हुआ ।

6. स्वर्गीय श्री थानू राम बंछोर (1922-2006)-श्री थानू राम बंछोर का जन्म खिसोरा गांव में सन् 1922 में एक गरीब कंडरा परिवार में हुआ। इनके पिता का नाम श्री बाबा तथा माता का नाम श्रीमती कलाबाई जो पुस्तैनी बांस टोकनी बनाने का धंधा कर जीवन यापन करते थे। सन् 1942 भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने के कारण श्री थानू राम बंछोर को 20 वर्ष की अल्पायु में अंग्रेजी हुकूमत की धारा 129 (1),26 (1) एवं 36 (5) भारतीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत गिरफ्तार कर 6 माह के कठोर कारावास की सजा दी गई। जेल से छूटने के बाद श्री थानू राम बंछोर देश सेवा और समाज सेवा के कार्य में लग गए वे गांधी विचारधारा के सच्चे भक्त थे। स्वतंत्रता की 50 वीं वर्षगांठ के अवसर पर दिनांक 15 अगस्त 1997 में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आपका निधन 11 मई 2006 को हुआ।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल खिसोरा में भगत बाबा और शीतला मॉं के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए मांगा आशीर्वाद

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने किया विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री और राशि का वितरण

सिहावा विधानसभा के मगरलोड स्थित खिसोरा में आयोजित भेंट-मुलाकात के दौरान

 

 

मुख्यमंत्री ने ग्राम खिसोरा में दी हाई स्कूल और मिनी स्टेडियम की सौगात, करेली बड़ी को मिला उप तहसील का दर्जा

 

सिहावा विधानसभा के मगरलोड स्थित खिसोरा में मुख्यमंत्री ने भेंट मुलाकात कार्यक्रम में ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

धमतरी, 11 जनवरी 2023/ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सिहावा विधानसभा प्रवास के दौरान मगरलोड स्थित खिसोरा में भेंट मुलाकात कार्यक्रम की शुरूआत छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र में माल्यार्पण और राज्यगीत ’अरपा पैरी के धार’ से की। मुख्यमंत्री द्वारा “सब्बो बर अनाज“ के बारे में पूछे जाने पर ग्राम सिंगपुर की रहने वाली कुमेश्वरी ने कहा कि राशन कार्ड बना है, कुमेश्वरी ने फ्री राशन कार्ड की मांग की, जिसपे मुख्यमंत्री ने जांच हेतु कलेक्टर को निर्देशित किया। किसान श्री किशन ने बताया कि उन्होंने एक लाख 6 हजार रुपए का गोबर बेचा है। पहले वे बैलगाड़ी से गोबर बेचने ले जाते थे, अब छोटा हाथी (चारपहिया) गाड़ी से गोबर बेचने जाते हैं अपने बच्चों के साथ। मुख्यमंत्री से बात करते हुए किसान श्री कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्होंने गोबर बेचकर 57 हजार 770 रुपये कमाया है। इसस घर बनाया और स्वास्थ्य खराब होने पर इस राशि का उपयोग इलाज करवाने में भी किया।

ग्राम खिसोरा के श्री कमलेश निषाद ने बताया की उनकी सवा 4 एकड़ जमीन है, जिसमें 49 हजार रुपए का ऋण माफ हुआ है। धान बेचने के दो दिन में ही पैसा खाते में आया है। मुख्यमंत्री ने उनसे राजीव गांधी किसान न्याय योजना से मिली राशि की जानकारी ली। श्री कमलेश ने बताया कि इस राशि से सुपर स्पलेंडर गाड़ी ली है। अब अपने ससुराल जाकर अपने नए गाड़ी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसानों को लाभ हुआ है। पहले त्यौहार में साहूकार के पास जाते थे, अब बैंक जाते हैं। मुख्यमंत्री द्वारा हाट-बाजार क्लिनिक योजना के बारे में पूछने पर श्रीमती रूखमणी ने बताया कि हाट बाजार में डॉक्टर मुफ्त में इलाज करते हैं। यहां साल भर से इलाज करा रही हूं। श्रीमती रूखमणी ने इस योजना की तारीफ की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की भी जानकारी ली।

भेंट मुलाकात में श्री विमल नेताम ने मुख्यमंत्री से एक एकड़ में 15 क्विंटल की जगह, 20 क्विंटल लेने का निवेदन किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी मंशा है कि वे किसानों से एक-एक दाना धान खरीदे और रबी फसल का भी धान खरीदे। उन्होंने कहा कि सरप्लस धान का एथेनाल बनाने की अनुमति भारत सरकार से मिलने पर दोनों सीजन में धान का एक-एक दाना खरीदेंगे। जाति प्रमाण पत्र बनाने की जानकारी लेने पर श्री सुनील नगारची ने अपनी समस्या मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि 50 साल का रिकॉर्ड मांगा जाता है, जो उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामसभा से प्रस्ताव कराकर आवेदन करें। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी कुरूद को निर्देशित करते हुए कहा कि नगारची जाति के आवेदन के निराकरण की जानकारी आज शाम को ही दें। मुख्यमंत्री द्वारा राजीव युवा मितान क्लब योजना के बारे में पूछने पर श्री रामकृष्ण साहू ने बताया कि योजना के अंतर्गत 40 सदस्य है, जिसमें 12 महिला है। इस योजनांतर्गत मिले पैसे से खेलकूद कराया, वृक्षारोपण, ग्राम का विकास, पंचायत का सहयोग करते हैं। उन्होंने योजना की तारीफ़ की और कहा कि योजना बहुत अच्छी है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने घोषणाएं भी की। इनमें मगरलोड में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व का सप्ताह में दो दिन लिंक कोर्ट प्रारंभ करने, खिसोरा में हाई स्कूल का निर्माण करने, खिसोरा के बस्तीपारा में नवीन प्राथमिक शाला भवन का निर्माण, बाला तालाब का सौन्दर्यीकरण करवाने, खिसोरा में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति हेतु नया भवन बनवाने की घोषणा शामिल है। साथ ही करेलीबड़ी को उप तहसील का दर्जा देने, ग्राम पंचायत मोतिमपुर में सामुदायिक भवन निर्माण, सिंगपुर क्षेत्र के बुढ़ीगढ़ पर्यटन स्थान में सोलर ड्यूल पंप की स्थापना, ग्राम पंचायत सिंगपुर में देवगुड़ी निर्माण व मरम्मत कार्य, खिसोरा मैदान में मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की।

भेंट मुलाकात में महिला एवं बाल विकास मंत्री और जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया ने संबोधित करते हुए कहा कि मुखिया क्या योजना ला रहे और उसका आमजनता कितना लाभ उठा रही है, यह बड़ी सोच है हमारी सरकार की। पहले छट्टी और मरनी में भी लोगों को कर्ज लेना पड़ता था। आज इसके विपरीत आमजनता को शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा। वहीं सिहावा विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव ने कहा कि आज आप लोग लोकतंत्र का सबसे अच्छा पहलू है प्रदेश के मुखिया का सीधा संवाद। उन्होंने कहा कि शासन के अंतिम व्यक्ति की भागीदारी के लिए भेंट मुलाकात कार्यक्रम किया जा रहा।

 

 

 

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