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VB-G RAM G योजना के शब्दों में है त्रुटि हम विकासशील देश में है-* *रवि मानिकपुरी

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विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-G RAM G)

कवर्धा,अगर भारत विकसित देशों में आता है तो भारत में गरीबी कैसी?* और विकासशील देश को विकसित भारत कहना कहाँ तक उचित है?
हम आज भी ग्रामीण क्षेत्र में आते हैं,
जहाँ तक यह तो सही था की ग्रामीण क्षेत्र के अनुसार से
मनरेगा जिसका पूरा नाम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act बनाया गया था) है, जो ग्रामीण इलाकों में रोजगार की सुरक्षा के लिए एक श्रम कानून है, लेकिन हाल ही में (दिसंबर 2025 में) सरकार ने इसे बदलकर ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-G RAM G) करने का प्रस्ताव दिया है।
हलाकि जिसमे अवधि बदल दिया गया है

जिसमें रोजगार के दिन को 100 से बढ़ाकर 125 करने और ग्रामीण विकास पर अधिक जोर देने का प्रावधान है.
*पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रवि मानिकपुरी* ने कहा की अगर विकसित भारत हमारा देश बन चूका है तो सरकार की यह योजना कैसी है जो रोजगार दे रहा है अगर इनके द्वारा बनाये गए नीति योजनाओं में विकसित शब्द आता है तो वह गलत है हमारा देश विकासशील देश है विकसित नही।
विकसित देश में गरीबी कैसा और रोजगार मजदूरी कैसी ।
सरकार आज भी भ्रमण कर के देख ले कबीरधाम जिला (व अन्य ग्रामीण क्षेत्र को) के अंतिम वनांचल क्षेत्र को की हर क्षेत्र में कितना पिछड़ा हुआ है।
आज भी लोगो का जीवन स्तर एकदम निम्न है सरकारी सुविधाओं से भी वंचित बिजली पानी जैसे मुलभुत सुविधाओँ से वंचित है फिर फिर भी विकसित भारत बनाने का तवज्जो हाशिल करना चाह रहा है वर्तमान में टोला के स्कुल बंद करके मार्ज करने की नीति बहुत गरीब परिवार के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।
मैं बता दूँ की

कृषि , वानिकी और संसाधन निष्कर्षण जैसे भूमि-आधारित उद्योगों से संबंध के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक और सामाजिक गतिशीलता अनूठी होती है । ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उतार -चढ़ाव आते रहते हैं और यह चरम मौसम या सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील होती है । ये गतिशीलताएँ, शहरीकरण को बढ़ावा देने वाली व्यापक आर्थिक शक्तियों के साथ मिलकर , जनसंख्या में महत्वपूर्ण गिरावट का कारण बनी हैं, जिसे ग्रामीण पलायन कहा जाता है । इसमें आर्थिक प्रोत्साहन युवा आबादी को शिक्षा और रोजगार के अवसरों के लिए शहरों की ओर जाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में वृद्ध, कम शिक्षित और कम धनी आबादी रह जाती है। धीमी आर्थिक विकास के परिणामस्वरूप स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बुनियादी ढांचे जैसी सेवाएं खराब हो जाती हैं। गरीबी का यह चक्र इस बात का कारण है कि खाद्य और कृषि संगठन के अनुसार, वैश्विक स्तर पर तीन-चौथाई गरीब लोग ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं ।
और *सरकार विकसित भारत जी राम जी योजना का ढिंढोरा पीट रहा है।*
लेकिन सरकार जान कर भी अनजान बन रहा है समाजिक स्थिति और तर्क के अनुसार मैं बता दूँ की
भारत की वर्तमान स्थिति (Current Status of India): क्या है?

आर्थिक स्थिति: भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है (सकल घरेलू उत्पाद के मामले में), लेकिन प्रति व्यक्ति आय के मामले में अभी भी कई विकासशील देशों से पीछे है और बांग्लादेश से भी कम है।
मानव विकास सूचकांक (HDI): भारत मध्यम मानव विकास श्रेणी में है (2023 में 130वां स्थान), जो दर्शाता है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की गुंजाइश है, हालांकि इसमें प्रगति हो रही है।
लेकिन यह कछुए की चाल की तरह है
आय असमानता: भारत में आय असमानता (Income Inequality) एक बड़ी चुनौती है, जहां बड़ी आबादी अभी भी गरीबी में है या कम आय वर्ग में है, जबकि कुछ लोगों की आय बहुत अधिक है।
विकसित देश बनने की दिशा में (Towards a Developed Nation):
2047 का लक्ष्य: भारत सरकार का लक्ष्य 2047 तक (आजादी के 100 साल पूरे होने पर) एक विकसित देश बनना है, जिसमें सभी नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा मिले।
तो क्या सरकार 2047 तक रोजगार ,शिक्षा स्वास्थ्य दे पायेगा हमने *मेक इन इण्डिया का सपना देखा जो आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प था ये 2014 का एजेंडा था पर पूर्ण रूप से खोखला शाबित हुआ।*
*हमने सांसदों का आदर्श ग्राम योजना के तहत 3 गांव गोद में लेते देखा लेकिन वो सिर्फ और सिर्फ सोशल मिडिया और कागजों में ही जमीनी स्तर पर कुछ भी नही हुआ।*
सुधार के क्षेत्र: इसके लिए बुनियादी ढांचे के विकास तकनीकी प्रगति और सामाजिक न्याय पर जोर दिया जाना जरुरी है, जिससे गरीबी कम हो और जीवन स्तर सुधरे।
संक्षेप में, भारत एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, लेकिन पूर्ण विकसित देश बनने के लिए उसे प्रति व्यक्ति आय, मानव विकास और आय समानता जैसे क्षेत्रों में बड़ी छलांग लगाने की आवशयक्ता है।

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