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मानसिक स्वास्थ्य “मैं हूँ ना” एवं बाल संरक्षण विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का समापन “बच्चों के अधिकारों को संरक्षित करने का संकल्प”, बोले कवीर स्वयंसेवी

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कवर्धा/कबीरधाम। जिले में बच्चों के अधिकारों के संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से कवीर स्वयंसेवियों ने एकजुट होकर प्रयास करने का संकल्प लिया। यह संकल्प 1 एवं 2 दिसंबर 2025 को यूनिसेफ़ एवं जिला प्रशासन के सहयोग से छत्तीसगढ़ एग्रिकान समिति द्वारा जिला पंचायत संसाधन केंद्र, डगनियाँ में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के समापन अवसर पर लिया गया।

कार्यशाला में जिले की चयनित 45 ग्राम पंचायतों से आए स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य समुदाय स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य, बाल अधिकार, एवं बाल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वयंसेवकों को मनोसामाजिक प्राथमिक उपचार प्रदान करने में सक्षम बनाना था। पहला दिन : “मैं हूँ ना” – मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोसामाजिक प्राथमिक उपचार

राज्य समन्वयक योगेश पुरोहित ने “मैं हूँ ना” थीम के अंतर्गत महत्वपूर्ण मनोसामाजिक सिद्धांत—देखना, सुनना और जोड़ना—पर आधारित सत्र का संचालन किया। उन्होंने स्वयंसेवकों को सरल, संवेदनशील एवं व्यवहारिक तरीके से समुदाय की सहायता करने के कौशल सिखाए।

सत्र के दौरान स्वयंसेवकों ने अपने गाँवों से जुड़े मानसिक स्वास्थ्य संबंधी अनुभव साझा किए, जिससे प्रशिक्षण अधिक प्रभावी व वास्तविक जीवन से जुड़ा हुआ बना।

दूसरे दिन ट्रेनर एवं जिला समन्वयक एनिरोज टोडर द्वारा बाल अधिकार एवं संरक्षण पर विस्तृत सत्र लिया गया। इसमें निम्न प्रमुख विषय शामिल थे—बाल संरक्षण की श्रेणियाँ, संकटग्रस्त अवस्था में बच्चों की स्थिति, किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act), पोस्को एक्ट, शिक्षा का अधिकार (RTE), बाल विवाह एवं बाल मजदूरी, बाल कल्याण समिति (CWC) की भूमिका एवं फॉस्टर केयर एवं स्पॉन्सरशिप सेवाओं की प्रक्रिया और महत्व

सत्र में NCRB रिपोर्ट 2024 के आधार पर छत्तीसगढ़ में बच्चों के खिलाफ अपराधों की स्थिति भी साझा की गई, जिसमें बताया गया कि अपराधों के मामलों में राज्य देश में 10वें स्थान पर है तथा अपराध करने वालों की श्रेणी में चौथे स्थान पर है।

प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि किसी भी संकटग्रस्त या सहायता की आवश्यकता वाले बच्चे के लिए चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098 पर निःशुल्क कॉल करके तुरंत सूचना दी जा सकती है।

कार्यक्रम में जिला समन्वयक दीपक बागरी तथा कवीर वॉलंटियर्स समन्वयक नीतेश चंदेल की महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक उपस्थिति रही।

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