कवर्धा, पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ठेकेदार द्वारा बहुतेरे ग्राम पंचायतों सरपंच सचिव से मिली भगत कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
कबीरधाम जिले में विकास न होने के प्रमुख कारण पार्टी सत्ता से जुड़े लोगों को ठेकेदारी तथा विकास कार्य की बागडोर सौंपना है जिसके कारण घटिया निर्माण कार्य व घूसखोरी चरम सीमा पर बढ़ गई है।
भाजपा सरकार की आने से आम लोगों को भ्रष्टाचार और घूसखोरी जैसे अनैतिक कार्यों का दोहन होना संभावित कल्पना किया गया था। जो धरातल पर इसका कोई कसर, असर दिखने को नहीं मिल रहा है।
विकासखंड पंडरिया के ग्राम पंचायत लिम्हईपुर के आश्रित ग्राम में बन रहे लग भग 226 मीटर सीसी रोड में भारी अनियमितता, काले रेत व सीमेंट की मात्रा में कमी सहित गिट्टी की साइज में भी समझौता नहीं किया गया है वहीं नियम प्राक्कलन के अनुसार काम नहीं हो रहा है।
इंजिनियर, सचिव सहित जनपद पंचायत के कर्मचारियों से इस विषय पर जानकारी चाही गई पर सभी ने जानकारी देने स्पष्ट इनकार कर दिया जो जिला प्रशासन को तमाचा मारने का काम करता है इसका अर्थ है कि वह अपने दायित्वों से विमुख हो रहे है और अपने कर्तव्यों का सही उपयोग नहीं कर रहे हैं जो जिला प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है।
नवीन जिला कबीरधाम कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने कवर्धा तहसील की ग्राम बटुरा कछार में हो रहे मंडी बोर्ड की सीसी रोड निर्माण कार्य को गैती से खनन कर उसकी परख करते हुए संबंधित ठेकेदार, अधिकारी को दोबारा बनाने के निर्देश दिए थे।
और जिले में होने वाले भ्रष्टाचार नामक निर्माण कार्य गुणवत्ता हिन पाए जाने पर अधिकारी को कड़ी कार्यवाही होने के भी निर्देश दिए थे।
हद तो तब हो गई जिले के भगवान यानी जिला कबीरधाम कलेक्टर के निर्देश के साथ साथ कार्यालय अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, दुर्ग मण्डल दुर्ग की आदेश क्रमांक 1292 मंडल/ग्रायासेवा,दिनांक 24/7/2024 को भी जूते के नीचे रख अवहेलना कर रहे मतलब किसी भी प्रशानिक उच्च अधिकारियों का कोई अस्तित्व नहीं समझा जा रहा है।
सरकारी नियम कायदे जनपद पंचायत सीईओ से लेकर निचले स्तर तक विभागीय अधिकारी और सचिव सहित अपने तेवर मानो स्वयं कलेक्टर होने जैसा रोप जमाए हुए हैं।
जन प्रतिनिधि द्वारा जनपद पंचायत और ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के अधीनस्थ अधिकारी से सूचना मांगने पर कोसों दूरी बनाई जा रही है जिसके समाज के स्तंभ लड़खड़ाने के साथ साथ भ्रष्टाचार में डूब कर केवल सांसे लेने के बराबर है।
जिला प्रशासन कबीरधाम तथा नवीन भाजपा सरकार को इस तरह की भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कड़ी निर्देश और दंडात्मक कार्यवाही करने की आवश्यकता है जिससे राज्य सरकार की छवि और जिला कबीरधाम की दामन साफ और स्वच्छ रहे जिससे विकास के लिए आम जनों को मिलने वाली सुविधाओं का सही और उचित उपयोग किया जा सके।
जिला कलेक्टर को इस विषय पर संज्ञान लेने की आवश्यकता।