आगरा : यूपी के आगरा में इनकम टैक्स की छापेमारी से हड़कंप मचा हुआ है. बीते दिन आईटी की टीम ने आगरा के तीन जूता कारोबारियों बीके शूज, मंशु फुटवियर और हरमिलाप ट्रेडर्स के प्रतिष्ठानों और घरों पर छापेमारी की. इन सभी व्यापारियों से अब तक करीब 60 करोड़ रुपए बरामद किए गए हैं. बता दें कि आईटी की टीम ने कल देर रात तक आगरा समेत अलग अलग शहरों में छापेमारी की है. शनिवार को शुरू हुई छापेमारी अगले तीन दिन तक जारी रही. टीम ने करीब 12 ठिकानों पर तलाशी की।
आयकर विभाग ने मुख्य रूप से हरमिलाप ट्रेडर्स और इसके साथ व्यापारिक संबंध रखने वाली कंपनियों जैसे एमजी रोड स्थित बीके शूज, धाकरन स्थित मंशू फुटवियर पर छापेमारी की है. हरमिलाप ट्रेडर्स के मालिक के घर से छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, जिन कारोबारी के यहां छापा पड़ा है उनकी कंपनी मुख्य रूप से नकद में काम करती है. इसके लिए कंपनी ‘पर्ची सिस्टम’ का इस्तेमाल करती थी, पूरा काम ब्लैक में होता था. पर्चियों के जरिए हिसाब-किताब रखा जाता था. पक्की रसीद या बिल का यूज नहीं होता था. कहा जा रहा है कि टैक्स में हेर फेर और आय से अधिक संपत्ति की सूचना मिली थी, जिसके बाद हड़कंप मचा है. इनकम टैक्स की टीम फाइलें और इलेक्ट्रोनिक डिवाइस चेक कर रही है. अबतक 60 करोड़ से ज्यादा कैश बरामद किया गया है. बरामद की गई कैश की गिनती के लिए मशीनें लगाई गई थी।
गौरतलब है कि जूता कारोबारियों के यहां आयकर विभाग के सर्च करने के पीछे अवैध रूप से चलने वाले पर्ची कारोबार को बताया जा रहा है. घरेलू जूता कारोबार उधार पर अधिक निर्भर करता है. ट्रेडर्स और बड़े कारोबारी छोटे कारोबारियों को तुरंत भुगतान के बजाय पर्ची बनाकर दे देते हैं, इस पर तारीख और अवधि लिखी होती है. नियत तारीख पर पर्ची देने वाले बड़े कारोबारी से छोटे कारोबारी भुगतान प्राप्त कर लेते हैं और यह पूरा काम नंबर दो में चलता है।