
छग/बालोद
छत्तीसगढ के बालोद जिला में ठेकेदार और ज़िम्मेदार अधिकारी की उदासीनता और दोनों की जुगलबंदी के चलते नव निर्मित सड़क भ्रष्टाचार की भेट चढ गई है… जहा निमार्ण के तीन माह बाद ही भ्रष्टाचार की परत उखड़ने लगी है जिसमे सिमेंटिकर कर ऊपर से कालिख पुताई जारी है।
आपको बता दें कि पूरा मामला गुरुर विकासखंड के गुरुर से सनौद पहुंच मार्ग वाली सड़क जो कि लगभाग तीस करोड़ रुपए की लागत से हाल ही में बनकर तैयार हुआ है वहीं ज्ञातव्य हो कि पूर्व में इसी सड़क जो की वर्ष 2019 में लगभग ग्यारह करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ था जो तीन साल भी नहीं टिक पाई।
मजे की बात यह है कि भ्रष्ट ठेकेदार को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने संबंधित विभाग और रसूखदार नेता जिसे पुनः उसी भ्रष्ट ठेकेदार को टेंडर दे दिया गया जो कि सड़क पूर्ण होने के साथ साथ टूटते जा रही है साथ ही साथ सिमेंटीकरण और कालिख पुताई कार्य भी जोरों से है जिसको लेकर क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है।
वहीं मामले में जब सम्बन्धित विभाग के सब इंजीनियर को सवाल किया गया कि आखिर सड़क इतनी जल्दी कैसे टूट गई और डामर सड़क में सीमेंटीकरण ढलाई कर आइल पेंट लगाना कहा तक उचित है….?.?????
जिसके जवाब में ठेकेदार के इंजिनियर राहुल साहू का कहना है कि डामरीकरण सड़क बीच बीच में उखड़ गया है कंक्रीट ढलाई करने का प्रावधान है ऐसा उनके द्वार वक्तव्य दिया गया।

बहरहाल देखना होगा कि मामले में क्या कार्यवाही की जाती है.???.?.





