
छत्तीसगढ में आगामी विधानसभा चुनाव होना है ऐसे में सभी पार्टियों के कद्दावर नेता अपने टिकट हेतु दांव खेल रहें हैं… केन्द्रीय सत्तासीन पार्टी ने विधानसभा चुनाव को लेकर 21 विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशी को घोषणा कर चुकी है लेकिन वर्तमान सत्ता काबिज राज्य सरकार अपनी सीटों पर अभी तक असमंजस्य बरकरार है।
वहीं बात करें भारतीय जनता पार्टी की तो उन्होंने अपनी पहली दांव चल चुकी है लेकिन विपक्ष के दांव न खेलने से पार्टी अभि इंतेजार कर रही है…।
वहीं भाजपा इस बार चुनाव जीतने एड़ी चोटी का दम लगा रही है आए दिन केन्द्रीय नेताओं का आगमन और जनसभा को संबोधित कर वोटरों को लुभाने का प्रयास कर रही है।
लेकिन कुछ ऐसे भी विधान सभा क्षेत्र है जहां पर प्रत्याशी चुनने में काफी माथापच्ची करनी पड़ रही है.. ऐसे में अगर यह माना जा रहा है कि स्वच्छ छवि वाले प्रत्याशी को तलाश में हैं ।
आपको बता दें संजारी बालोद विधान सभा क्षेत्र से युवा कर्मठ कार्यकर्ता पूर्व सरपंच संघ अध्यक्ष आशीष साहू ने किया बालोद विधानसभा क्षेत्र से दावेदारी की है, ।
आशीष साहू ग्राम पंचायत सानौद से पूर्व सरपंच के साथ ही विगत 15वर्षो से पंचायत प्रतिनिधि के साथ ही साहू समाज के परिक्षेत्रीय अध्यक्ष का, निर्वहन कर रहा है, ।
आपको बताते चलें कि विगत 20 वर्षो से आशीष साहू ग्राम पंचायत, ग्राम विकास समिति, परिक्षेत्रीय साहू सामाज, और 14ग्राम विकास समिति एवं भाजपा जैसे कई सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए हैं, वहीं क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा तत्पर रहते है, भाजपा से जुड़ कर पार्टी के लिए, हमेशा से ही निस्वार्थ भाव से सेवा करते हुए आगे रहते है, वहीं क्षेत्र के लोगो में भी भारी खुशी है, जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी साफ़ छवि के साथ ही जिताऊ उम्मीदवार की तलाश की बात कर रही है, जिसमे आशीष साहू एक विकल्प के रुप में सही प्रत्याशी हो सकते है,।
वहीं आशीष साहू को अभी से अनेक सामाजिक संगठनों एवम महिला समूहों का भरपूर समर्थन एवम आशीर्वाद मिलने लगा है। और भी कई समाज प्रमुखों ने समर्थन देने की बात कही है,
वहीं भाजपा में भी दावेदारों की लंबी कतार लगी हुई है जिसमें बड़े कद्दावर नेता शामिल हैं हालांकि विश्वशनीय स्त्रोत यह बताती है कि इनमे से कुछ दावेदार नेताओं से पार्टी नाराज चल रही है जिसकी रिपोर्टिंग भी हो चुकी है ऐसे में जानता भी यही चाह रही है कि स्वच्छ और नया चेहरा को टिकट मिले जिसके लिए आशीष साहू को एक विकल्प के रुप में देखा जा रहा है।
बहरहाल देखना होगा कि कांग्रेस के दांव फेकने के बाद भाजपा अपनी अगली चाल के लिए क्या करती है
छत्तीसगढ में आगामी विधानसभा चुनाव होना है ऐसे में सभी पार्टियों के कद्दावर नेता अपने टिकट हेतु दांव खेल रहें हैं… केन्द्रीय सत्तासीन पार्टी ने विधानसभा चुनाव को लेकर 21 विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशी को घोषणा कर चुकी है लेकिन वर्तमान सत्ता काबिज राज्य सरकार अपनी सीटों पर अभी तक असमंजस्य बरकरार है।
वहीं बात करें भारतीय जनता पार्टी की तो उन्होंने अपनी पहली दांव चल चुकी है लेकिन विपक्ष के दांव न खेलने से पार्टी अभि इंतेजार कर रही है…।
वहीं भाजपा इस बार चुनाव जीतने एड़ी चोटी का दम लगा रही है आए दिन केन्द्रीय नेताओं का आगमन और जनसभा को संबोधित कर वोटरों को लुभाने का प्रयास कर रही है।
लेकिन कुछ ऐसे भी विधान सभा क्षेत्र है जहां पर प्रत्याशी चुनने में काफी माथापच्ची करनी पड़ रही है.. ऐसे में अगर यह माना जा रहा है कि स्वच्छ छवि वाले प्रत्याशी को तलाश में हैं ।

आपको बता दें संजारी बालोद विधान सभा क्षेत्र से युवा कर्मठ कार्यकर्ता पूर्व सरपंच संघ अध्यक्ष आशीष साहू ने किया बालोद विधानसभा क्षेत्र से दावेदारी की है, ।
आशीष साहू ग्राम पंचायत सानौद से पूर्व सरपंच के साथ ही विगत 15वर्षो से पंचायत प्रतिनिधि के साथ ही साहू समाज के परिक्षेत्रीय अध्यक्ष का, निर्वहन कर रहा है, ।
आपको बताते चलें कि विगत 20 वर्षो से आशीष साहू ग्राम पंचायत, ग्राम विकास समिति, परिक्षेत्रीय साहू सामाज, और 14ग्राम विकास समिति एवं भाजपा जैसे कई सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए हैं, वहीं क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा तत्पर रहते है, भाजपा से जुड़ कर पार्टी के लिए, हमेशा से ही निस्वार्थ भाव से सेवा करते हुए आगे रहते है, वहीं क्षेत्र के लोगो में भी भारी खुशी है, जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी साफ़ छवि के साथ ही जिताऊ उम्मीदवार की तलाश की बात कर रही है, जिसमे आशीष साहू एक विकल्प के रुप में सही प्रत्याशी हो सकते है,।
वहीं आशीष साहू को अभी से अनेक सामाजिक संगठनों एवम महिला समूहों का भरपूर समर्थन एवम आशीर्वाद मिलने लगा है। और भी कई समाज प्रमुखों ने समर्थन देने की बात कही है,
वहीं भाजपा में भी दावेदारों की लंबी कतार लगी हुई है जिसमें बड़े कद्दावर नेता शामिल हैं हालांकि विश्वशनीय स्त्रोत यह बताती है कि इनमे से कुछ दावेदार नेताओं से पार्टी नाराज चल रही है जिसकी रिपोर्टिंग भी हो चुकी है ऐसे में जानता भी यही चाह रही है कि स्वच्छ और नया चेहरा को टिकट मिले जिसके लिए आशीष साहू को एक विकल्प के रुप में देखा जा रहा है।
बहरहाल देखना होगा कि कांग्रेस के दांव फेकने के बाद भाजपा अपनी अगली चाल के लिए क्या करती है..??.?.?
_टीम हिन्द मीडिया न्यूज़





