
*पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे गरीबों के रसोई में डाला जा रहा डाका….*
छग/ रायपुर _
छत्तीसगढ़ के अनेक जिलों में इन दिनों खुले आम गरीबों के रसोई मे डाका डाला जा रहा है जिससे गरीबों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ते जा रहा।
केंद्रीय सत्तासीन दल ने गरीबों को चूल्हे से निजात दिलाने हेतू अनेक जन कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया j रहा है लेकिन यह योजना धरातल और गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचते पहुंचते बिचौलिए स्वार्थ सिद्ध के चलते योजनाओं में बेधड़क हेरा फेरी कर रहे हैं जिस पर संबंधित विभाग मौन साधे हुए हैं….।
आपको बताते चलें पूरा मामला राजधानी मुख्यालय से लगे धमतरी जिला के पड़ोसी जिलों में धड़ल्ले से रसोई गैस सिलेंडर में धांधली किया जा रहा है जिसमे वर्तमान सरकार के नेताओं का संलिप्तता सामने आ रही है।

प्राप्त स्त्रोत मुताबिक ग्रामीणों को सुविधा उपलब्ध कराने गांव में पब्लिक सर्विस के नाम पर प्रत्येक गांव में गैस पहुंचाई जाती है.. ग्रामीणों मुताबिक घरेलू गैस करीब एक महीना तक चलता था वहीं अब 20 से 25 दिनों में ही खत्म हो जा रहा है.. जिसको गग्रामीणों द्वारा सिलेंडर भरकर जब गांव में ले जाया गया तब ग्राम ग्रामीणों ने इस पर शंका जताई की वजन में कमी 4 से 5 किलो कम हो रही है…. जिसको जांच करने पर सत्य पाया गया है..।
खाद्य विभाग के अनुसार खाली सिलेंडरों के वजन में 14.02 किलो गैस भरी जाती है जिससे एक भरा हुआ सिलेंडर का वजन 30 किलो से अधिक होनी चाहिए लेकिन जांच में वजन कराए गए सिलेंडरों में 26 किलो 27 किलो तक गैस पाया भरी जा रही है जो अपने आप में एक बड़ी मात्रा में हेर फेर को साबित कर रहा है।
आंतरिक जानकारी मुताबिक जानता जिसे एक एक बार पुनः अपना जनप्रतिनिधि के तौर पर देखना चाहती थी उन्ही के नेताओं द्वारा इस तरह के कृत्य देख जानता क्षुब्ध होकर अपना मन बदलने के आसार दिख रहे हैं।
मामले में आप ने अपना प्रतिक्रिया व्यक्त किया है पहले से ही महंगाई बढ़ी हुई है और इस तरह से गैस सिलेंडर में कटौती निंदनीय हैं इसमें चाहे कोई भी राजनीतिक दल संलिप्त हो उनमें कार्यवाही होनी चाहिए ।





