
नगर मुंगेली सहित ग्रामीण अंचल में हरेली पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया.
यह त्योहार सावन में आने वाले प्रत्येक त्योहारों से पहले आता है। सावन माह की अमावस्या को मनाये जाने वाला छत्तीसगढ़ प्रदेश का प्रथम लोक पारंपरिक त्यौहार हरेली इस वर्ष गुरूवार के दिन होने के कारण नगर सहित अंचल के ज्यादातर गांवों में एक दिन पूर्व बुधवार को मनाया गया. हरेली की सुबह किसान खेती किसानी में काम आने वाले उपकरण नागर, गैंती, कुदाली, फावड़ा समेत कृषि के काम आने वाले सभी तरहके औजारों की साफ-सफाई कर घरों में गुड़ का चीला बनाकर चढ़ाया

साथ ही अपने कुल देवता व ग्राम देवता एवं बैलों की पूजा अर्चना की तथा इस अवसर पर अच्छी फसल एवं सुख-समृद्धि, रोज़गार, के लिए नगरवासी एवं किसान कामना करते हैं और किसान भाई गांव के बैगा पुजारी एवं रावत घर-घर जाकर भेलवा, नीम की पत्तों की डालियां लगाते हैं. बसना के गढ़फुलझर, भूकेल, सिंघनपुर, भंवरपुर, बरोली, गुढ़ियारी सहित विकासखंड के 9 प्रतिशत गांवों में मनाया गया.
ब्यूरो चीफ- अमन नामदेव





