
*जल संसाधन विभाग की भर्राशाही…*
*ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की सांठगांठ से केनाल किनारे लगे वृक्षो की कर दिया कटाई….*
*पक्ष लेने पहुँचे तो जानकारी नही होने दे दी सफाई….*
*विभाग की मौन सहमति. उठ रहे हैं कई सवाल…..*
*ठेकेदार औऱ SDO की गहरी है मित्रता…कई बार फील्ड में साथ देखा गया….*
CHAPTER 1…
*The timber harvesting..*
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला महानदी जल प्रदया योजना के तहत कई जिलों को पेयजल सहित निस्तार की आपूर्ति करता है. छत्तीसगढ़ की जीवन दायनी महानदी..
धमतरी जिला के जल संसाधन विभाग कोड नम्बर 38 जो कि रुद्री केनाल से होते हुए बालोद जिला के गुरुर सबडिवीजन के अंतर्गत आने वाले ग्राम तार्री-भरदा से भूलनडबरी धनेली केनाल और कुम्हार खान,चिराई गोडी -तांदुला केनाल के किनारे लगें बबूल के वृक्ष बडी संख्या में पेंडो को अवैध तरीके से विभागीय सांठगांठ से काट दिया गया है।
सूत्रों मुताबिक सम्बन्धित के SDO और लकड़ी ठेकेदार के साथ घनिष्ठ मित्रता बताते हैं जिनको कई बार साथ में फील्ड में देखा गया है।

इस मामले में मुख्य कार्यपालन अभियंता के नाक के नीचे से पेड़ बगैर कोई निविदा टेंडर निकाले सांठगांठ करके भारी मात्रा में पेंडो को काट दिया गया है जिसमे सम्बन्धित इंजीनियर और सब इंजीनियर की मिलीभगत सामने आई है।
ग्रामीणों द्वारा बताया गया है. कि कटाई करने आए ठेकेदार से पूछा गया तो विभागीय प्रकिया द्वारा पेड़ काटने के आदेश मिला करके पेड़ो को काट दिया गया है और इसके एवज में इंजीनियर, SDO सभी को बटवारा मिला हुआ है
।।
इस मामले में SDO से अधिक जानकारी के लिए मुलाकात किया गया जिसमें SDO का जवाब असंतोष जनक रहा, जिसमे उनके कहे मुताबिक हर छोटे पेंडो को रखवाली करते मैं थोड़ी बैठा रहूंगा… इस बारे में जानकारी तो है. लेकिन कौन काटा है जानकारी में नही है तुमको समाचार में जो छापना है छापो का हवाला देते हुए अपना पल्ला झाड़ते नज़र आए. उच्च पद पर बैठे अधिकारी अपने पद पावर का दुरुपयोग किया जा रहा है. हमारे प्रतिनिधि से बेखौफ होकर पेड़ों की रखवाली करने के लिए थोड़ी बैठा रहूँगा शब्दों का इस्तेमाल कर पल्ला झाड़ते नजर आए .एक ओर सरकार लाखो करोड़ों खर्च कर पर्यावरण संरक्षण के खर्च कर रहा है. वहीं एक जिम्मेदार अधिकारी का बेतुका जवाब कहां तक उचित है.
लेकिन एक बात तो साफ है SDO के इस जवाब ने स्पष्ट कर दिया था कि बगैर सांठगांठ के तो ठेकेदार पेड़ काटने की जिम्मेदारी नही लेगा..।
वहीँ सब चिराईगोडी सब इंजीनियर का कहना है कि गिरे गए सात पेंडो की कटाई हेतु नीलामी की गई थी जिस पर नीलामी प्रकिया का दस्तावेज मांगा गया जिस पर गुरुर सब डिवीजन में मिलेगा कर के अपना पल्ला झाड़ दिया।
लेकिन प्राप्त पेड़ो के चालान में राशि तो विभाग द्वारा दर्शाया गया है लेकिन पेड़ो की संख्या शायद विभागीय अधिकारी के पेट में ही पाचन जान पड़ रहा है… सात हजार का चलान कटवाकर ठेकेदार मस्त है साथ ही अधिकार, सब इंजीनियर भी खुश बैठे हैं।

वहीं इससे पहले जिस ठेकेदार को नीलामी दी गई है उनका तांदुला जलाशय केनाल पर बड़ा मामला चला था जिसमें नीलामी पेड़ो की संख्या और काटे गए पेड़ो की संख्या में बड़ा हेरफेर हुआ था, जिसमें गाड़ी भी जप्त हुआ था….
वहीं सुत्र मुताबिक बालोद जिला के अपर कलेक्टर से घनिष्ठ सम्बंध और हस्तक्षेप द्वारा मामले को शॉर्टआउट किया गया था
..
वही तार्री भरदा सम्बन्धित सब इंजीनियर का कहना है कि पेड़ कटा हुआ है लेकिन कौन काटा है जानकारी नही है सूचना लिया जा रहा है…
कुछ विश्वनीय सूत्रों की माने तो यह भी कहना है कि विभाग सात पेंडो की नीलामी की आड़ में बड़ीकई संख्या में पेड़ काट दिया गया है और यह सब बात ठेकेदार और सम्बन्धित अधिकारी की मिलीभगत से अंजाम दिया गया है।
अधिकारी के संज्ञान में सब है लेकिन जानकारी देने से मुकर रहे हैं।
एक बात तो साफ है जब महानदी जल प्रदया योजना समिती द्वारा संचालित की जाती थी उस समय हर एक पेड़ और उनके काटने हेतु पूरी प्रक्रिया अपनाई जाती रही है. लेकिन जब से समिति को भंग करके अधिकारी के अधिनस्त किया गया है. तब से विभागीय भर्राशाही खुलकर करने लगी है।
इस मामले में मुख्य कार्यपालन अभियंता अनभिज्ञ है उनके जानकारी में लाया गया है देखना होगा अवैध कटाई के सांठगांठ में संलिप्त अधिकारी, इंजीनियर और ठेकेदार के ऊपर किस प्रकार की कार्यवाही करती है या यूं ही अभियंता भी उन्हें संरक्षण प्रदान करती है।सुनने में तो यहाँ तक आया है कि उक्त ठेकेदार एक वर्ष पूर्व तान्दूला केनाल मे 60. पेड़ों की कटाई करने के लिए टेन्डर लेकर सैकड़ों पेड़ों को काट दिया गया है. पोल खुलेगी परत दर परत. आप अगले अंक में देखिए नहर विभाग का अगला कारनामा.. बने रहे हमारे न्यूज के साथ
चैप्टर 2 जल्द ही….
चुनेश साहू 7049466638





