
बेमेतरा
छत्तीसगढ़ में “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” जैसे जागरूकता अभियानों के बीच बेमेतरा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने व्यवस्था और सुरक्षा दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परपोड़ी थाना क्षेत्र के धौराभाठा गांव में एक युवती के साथ प्रेमजाल में फंसाकर धोखाधड़ी और शारीरिक शोषण किए जाने की घटना सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, नागपुर निवासी सिद्धार्थ बोकड़े नामक युवक ने ममता मंडावी नाम की युवती को शादी का झांसा देकर अपने प्रेमजाल में फंसाया। आरोप है कि युवक ने पहले युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में मंदिर में शादी का नाटक रचकर उसे भरोसे में लिया।
इस झूठे विवाह के जरिए उसने युवती को सामाजिक रूप से भी असहज स्थिति में ला खड़ा किया।
बताया जा रहा है कि आरोपी युवती को अपने साथ उसके गांव भी लेकर आया, लेकिन महज दो दिन बाद उसे बेसहारा छोड़कर नागपुर भाग निकला। इस घटना के बाद से पीड़िता लगातार न्याय के लिए प्रयासरत है।
पीड़िता का कहना है कि वह पिछले वर्ष 30 दिसंबर से पुलिस के चक्कर काट रही है। जनवरी, फरवरी और मार्च बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस देरी को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनमें आरोपी के परिवार के प्रभाव और पुलिस की निष्क्रियता को लेकर भी चर्चा है।
न्याय की आस में थक चुकी पीड़िता ने अंततः जिला प्रशासन का सहारा लिया और कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई से गुहार लगाई। कलेक्टर द्वारा मामले में सख्त निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है, लेकिन अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस इन निर्देशों पर कितनी तेजी और गंभीरता से अमल करती है।
यह मामला न केवल एक युवती के साथ हुए अन्याय को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि संवेदनशील मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई कितनी जरूरी है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो इससे पीड़ितों का कानून व्यवस्था से विश्वास कमजोर हो सकता है।





