
राजनांदगांव,
जिले में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना बसंतपुर और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने हाईटेक तरीके से संचालित हो रहे IPL सट्टा रैकेट के मास्टरमाइंड को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले दो वर्षों से संगठित रूप से सट्टा नेटवर्क चला रहा था और कई लोगों को इसमें शामिल कर चुका था।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान सादिक खान के रूप में हुई है, जो “सांई ऐप” के माध्यम से सट्टेबाजी का पूरा नेटवर्क संचालित करता था। आरोपी ग्राहकों को सट्टा खेलने के लिए आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराता था और इसके एवज में प्रति आईडी 5 हजार से 10 हजार रुपये तक वसूलता था। इतना ही नहीं, तकनीकी समस्याओं को ठीक करने के नाम पर भी वह अतिरिक्त राशि लेता था, जिससे उसकी कमाई का बड़ा जरिया बन गया था।
जांच में सामने आया है कि सादिक खान ने अपने इस अवैध कारोबार को बेहद सुनियोजित तरीके से फैलाया था। वह अलग-अलग शहरों में अपने सहयोगियों के माध्यम से सट्टा आईडी बेचता था और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर पूरे नेटवर्क को नियंत्रित करता था। पुलिस को लंबे समय से इस रैकेट की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और साइबर ट्रैकिंग के जरिए आरोपी तक पहुंच बनाई गई।
इस मामले में पुलिस पहले ही 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। उनके पास से लगभग 5 लाख 50 हजार रुपये की सामग्री, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए थे। हालांकि, मुख्य आरोपी सादिक खान घटना के बाद से फरार चल रहा था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था।
पुलिस टीम ने लगातार तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी की लोकेशन नागपुर में ट्रेस की और वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को राजनांदगांव लाया गया, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की गई। पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे सट्टा नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक भी पहुंचा जा सकता है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर अपराधों के खिलाफ
अभियान आगे भी जारी रहेगा। आम नागरिकों से अपील की गई है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध जानकारी की तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इस कार्रवाई से जिले में अवैध सट्टेबाजी के नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है और पुलिस की इस सफलता को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।





