
एमसीबी जिला (खड़गवां)
एमसीबी जिले के खड़गवां क्षेत्र में स्थित आदिम जाति सहकारी समिति में किसानों से पंजीयन के नाम पर अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि समिति प्रबंधन द्वारा प्रत्येक किसान से ₹120 की राशि ली जा रही है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कई किसानों ने खुलकर बताया कि सहकारी समिति में पंजीयन कराने के दौरान उनसे ₹120 प्रति व्यक्ति की दर से राशि ली गई। किसानों का कहना है कि यह वसूली न तो किसी स्पष्ट नियम के तहत की जा रही है और न ही इसके लिए कोई अधिकृत रसीद दी जा रही है। मजबूरी में कई किसानों ने भुगतान तो कर दिया, लेकिन मन में असंतोष और आक्रोश बना हुआ है।
मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब इसकी जानकारी खड़गवां जनपद के सभापति युगांतर श्रीवास्तव को मिली। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए स्वयं किसानों के साथ सहकारी समिति पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मौके पर मौजूद किसानों से बातचीत के दौरान यह बात सामने आई कि पंजीयन के नाम पर खुलेआम राशि वसूली जा रही है।
जांच के दौरान समिति प्रबंधक ने अपनी सफाई में कहा कि नए किसानों के “खाद पंजीयन” के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड की प्रक्रिया तथा फोटोकॉपी आदि कार्यों में खर्च आता है, जिसके लिए ₹120 की राशि ली जा रही है। हालांकि, किसानों का आरोप है कि यह तर्क केवल बहाना है और वसूली पूरी तरह से नियमों के विरुद्ध है।
किसानों का कहना है कि यदि कोई वैध शुल्क है, तो उसकी स्पष्ट जानकारी, निर्धारित दर और रसीद की व्यवस्था होनी चाहिए। लेकिन यहां बिना किसी पारदर्शिता के पैसे लिए जा रहे हैं, जो सीधे-सीधे मनमानी और शोषण को दर्शाता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। किसानों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अवैध वसूली पर रोक लगाई जा सके।
खड़गवां जनपद
(“किसानों से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”)
प्रभावित किसान, खड़गवां
(“हमसे बिना जानकारी और नियम के पैसे लिए गए हैं। हम चाहते हैं कि इस पर तुरंत रोक लगे और हमें न्याय मिले।”)





