
जयपुर। प्रेम कहानी अक्सर खुशियों के रंग बिखेरती है, लेकिन जयपुर जिले के दूदू क्षेत्र में एक प्रेम संबंध ने ऐसा मोड़ लिया कि पूरा क्षेत्र सन्न रह गया। यहां एक महिला और उसके प्रेमी को कथित रूप से जेठ और उसके साथियों ने पकड़ लिया और खाट (मचान) पर बांधकर जिंदा जला दिया। प्रेम कहानी का यह अंत इतना भयावह और दर्दनाक था कि जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप उठी।
इश्क की कहानी, मौत का अंजाम
दूदू क्षेत्र के पास रहने वाले कैलाश और सोनी पिछले कई महीनों से प्रेम संबंध में थे। दोनों शादीशुदा थे और अपने-अपने परिवारों के साथ रहते थे, लेकिन गांव में धीरे-धीरे उनके संबंध की चर्चा फैलने लगी।
बताया जा रहा है कि दोनों अक्सर पास के खेत में बने मचान पर मिलते थे। मंगलवार देर रात भी दोनों वहां मौजूद थे, तभी गांव के ही कुछ लोगों ने उन्हें पकड़ लिया।
आरोप — बांधा, फिर जिंदा जलाया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों को पहले रस्सियों से बांधा गया और फिर मचान के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में दोनों जलकर राख हो गए। चीखों की आवाजें आसपास के खेतों में गूंजती रहीं, लेकिन कोई उन्हें बचा नहीं पाया।
गांव के लोगों का कहना है कि घटना में महिला के जेठ और उसके रिश्तेदारों की भूमिका बताई जा रही है। पुलिस ने 4 संदिग्धों को हिरासत में लिया है और जांच जारी है।
पीछे छूट गए रोते हुए भविष्य , इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि कैलाश और सोनी दोनों दो-दो छोटे बच्चों के माता-पिता थे। अब चार मासूम बच्चे इस दुनिया में बिना मां-बाप के हैं। गांव में बच्चे रो रहे हैं और परिवार सदमे में है।
गांव में भय और सन्नाटा
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और खामोशी पसरी हुई है। लोग बातचीत करते हुए भी धीरे बोल रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि ऐसी घटना पहले कभी नहीं देखी गई।
एक वृद्ध ने रोते हुए कहा: “गलती चाहे जो हो, किसी को इस तरह जिंदा जलाना इंसानियत के खिलाफ है।”
पुलिस की कार्रवाई , दूदू पुलिस ने धारा 302, 120B और 34 IPC के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने घटनास्थल से जली हुई खाट, रस्सियां और पेट्रोल की बोतलें बरामद की हैं।
एसपी जयपुर ग्रामीण ने बताया— “हत्या की यह घटना बेहद गंभीर और अमानवीय है। दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।”
सवालों के घेरे में समाज , इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि प्यार की सज़ा मौत क्यों? क्या समाज में रिश्तों का सम्मान अधिक जरूरी है या इंसान की जिंदगी?
दूदू की यह घटना सिर्फ एक प्रेम कहानी का अंत नहीं, बल्कि चार मासूम बच्चों के भविष्य पर भारी छाया है। गांव में आज भी धुआं तो नहीं उठ रहा, लेकिन सवाल, सदमा और दर्द हवा में तैर रहा है।





