
कवर्धा। पंडरिया तहसील क्षेत्र के खैरझिटी गांव में धान उपार्जन की प्रक्रिया किसानों के लिए सिरदर्द बन गई है। ग्रामीण किसान कृष्ण कुमार जायसवाल ने बताया कि पंजीयन संशोधन और रकबा सुधार लंबित होने के कारण किसानों के टोकन कट ही नहीं पा रहे हैं। प्रशासनिक लापरवाही का यह आलम है कि किसान अपनी बारी के इंतजार में दिन-रात चक्कर काटने को मजबूर हैं।
स्थानीय किसानों के अनुसार लगभग 80 प्रतिशत किसान इस समस्या से प्रभावित हैं। समय पर संशोधन न होने से उपार्जन केंद्रों में भीड़ बढ़ रही है, वहीं किसान अपनी फसल बेचने में असमर्थ होकर निराशा में डूब रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की बाधाएं न केवल सरकार की उपार्जन व्यवस्था की पोल खोलती हैं, बल्कि किसानों के भरोसे को भी गहरी चोट पहुंचा रही हैं। परेशान किसान अब प्रशासन के प्रति नाराज होते नजर आ रहे हैं।
किसानों ने मांग की है कि सरकार तत्काल पंजीयन व रकबा संशोधन की प्रक्रिया को सरल और तेज करे, ताकि टोकन कटने की समस्या पर रोक लग सके और उपार्जन सुचारू रूप से शुरू हो सके।





