hindmedianews
Breaking News
कबीरधामछत्तीसगढ़ब्रेकिंग न्यूज़

कुम्ही में समाजसेवी स्वर्गीय गोपाल सोनवानी को दी गई श्रद्धांजलि, सतनामी समाज ने सतनाम चौका–आरती कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थना

IMG-20250714-WA0596
previous arrow
next arrow

अजय जांगड़े 8085164784

कवर्धा/पंडरिया। सतनामी समाज के सक्रिय सदस्य और ग्राम कुम्ही के प्रतिष्ठित समाजसेवी स्वर्गीय गोपाल सोनवानी के सम्मान में गुरुवार की मध्यरात्रि सतनाम परंपरा के अनुरूप सतनाम चौका–आरती का आयोजन किया गया। समाज के वरिष्ठजनों, ग्रामवासियों और परिजनों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

स्वर्गीय गोपाल सोनवानी का आकस्मिक निधन 13 नवंबर की शाम लगभग 5 बजे हृदयघात से हुआ था। अगले दिन 14 नवंबर को सुबह 11 बजे उनके पार्थिव शरीर का मिट्टी संस्कार सम्पन्न किया गया। 1 जनवरी 1961 को जन्मे गोपाल सोनवानी अपने सौम्य स्वभाव, सरलता और सहज व्यवहार के कारण पूरे क्षेत्र में सम्मानित थे। समाजहित में उनके योगदान को न केवल सतनामी समाज बल्कि अन्य समुदायों ने भी हमेशा सराहा।

स्वर्गीय गोपाल सोनवानी के पुत्र मनेश, गौकरण व रमेश सोनवानी के साथ साथ ग्राम कुम्ही के लोगों का कहना है कि उनके जाने से गांव ने एक ईमानदार, निर्णायक और सामाजिक समरसता से प्रेरित व्यक्ति को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
परिवारजन शोक संतप्त हैं तथा सतनामी समाज ने भी उनके निधन को एक अनमोल रत्न के खोने की पीड़ा बताया है। समाजजनों ने कहा कि प्रकृति के नियम से कोई भी अछूता नहीं रह सकता, लेकिन स्वर्गीय सोनवानी की स्मृति उनके कार्यों के माध्यम से सदैव जीवित रहेगी।

संबंधित पोस्ट

शिक्षा, स्वास्थ्य को छोड़ा , मतदाताओं को लुभाने की कोशिश धान और किसान की मुद्दे 

hindmedianews

बस्तर में बदलती तस्वीर: अब सड़क मार्ग से पहुँची बोर्ड परीक्षा की गोपनीय सामग्री

Sakshi Bansod

जिले में 2 से 8 अक्टूबर तक मनाया जाएगा मद्यपान निषेध सप्ताह

Chunesh Sahu

रीच के द्वारा किया गया जिला स्तरी क्षय उन्मूलन एवं सम्मान सभा कार्यक्रम का आयोजन 

Chunesh Sahu

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मनरेगा की है महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

Sakshi Bansod

*गुण्डरदेही में हुआ प्रेरणा सम्मेलन का आयोजन; पुलिस से समन्वय बनाकर कमांडो को सशक्त करेंगे – आईजी रामगोपाल गर्ग*

Chunesh Sahu