
भारतीय निगमीय विधि के आधुनिक विकास में रोजगार के अवसर” विषय पर एक दिवसीय अतिथि व्याख्यान का आयोजन
राजनांदगांव..शासकीय दिग्विजय स्वशासी महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा “भारतीय निगमीय विधि के आधुनिक विकास में रोजगार के अवसर” विषय पर एक दिवसीय अतिथि व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता के निर्देशन एवं वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. एस. के. उके की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य विभाग की प्राध्यापक सुमन कोचर ने किया। सर्वप्रथम विभागाध्यक्ष डॉ. उके ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए विषय की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
इस अतिथि व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में शासकीय चंदूलाल चंद्राकर कला एवं विज्ञान पी.जी. महाविद्यालय, पाटन (दुर्ग) के वाणिज्य विभाग के प्राध्यापक डॉ. गौरव शर्मा उपस्थित रहे।
डॉ. शर्मा ने निगमीय विधि के आधुनिक आयामों का परिचय देते हुए विद्यार्थियों को ऑडिटिंग रिपोर्ट, कंपनी एक्ट 2013, कॉस्ट ऑडिट, ऑडिटिंग कमेटी, सेक्रेटेरियल ऑडिट जैसे महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में रोजगार एवं करियर निर्माण के अपार अवसर मौजूद हैं, जिनका विद्यार्थी सही मार्गदर्शन प्राप्त कर लाभ उठा सकते हैं।
व्याख्यान के दूसरे चरण में डॉ. शर्मा ने करारोपण (Taxation) से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। उन्होंने इनडायरेक्ट टैक्स स्ट्रक्चर एक्ट 2017, GST एक्ट 2017, स्टेट GST एक्ट, टैक्स स्ट्रक्चर इन इंडिया आदि विषयों को सरल भाषा में समझाते हुए विद्यार्थियों को कर प्रणाली की वर्तमान आवश्यकताओं से अवगत कराया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर व्याख्यान का लाभ उठाया।
अंत में वाणिज्य परिषद की सचिव कु. चित्रलेखा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर वाणिज्य विभाग के प्राध्यापक प्रो. एच.सी. जैन, प्रो. स्वयं सिद्धा झा, डॉ. प्रज्ञा मिश्रा, डॉ. सूरज पटेल, पूजा कुमारी एवं डॉ. देहूति बंछोर उपस्थित रहे।
वाणिज्य विभाग द्वारा इस तरह एक दिवसीय अतिथि व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया, जिसे प्रतिभागियों द्वारा सराहा गया।





