
धमतरी। जिले के ग्राम पंचायत खरेंगा में सरपंच एवं पंचायत बॉडी की मनमानी चरम पर है। सरपंच ने अपने खास पंचों, उपसरपंच और सचिव के साथ मिलकर अवैध रेत उत्खनन का पूरा रैकेट चला रखा है। पिछले एक महीने से लगातार दिनदहाड़े महानदी से रेत की लूट मची हुई है, लेकिन खनिज विभाग के अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और उसके गुर्गे हर ट्रैक्टर से 300 से 500 रुपये तक वसूली कर रहे हैं जबकि सरपंच मंडल से एक लाख 20 हजार प्रति माह के हिसाब से लेनदेन डील की सूचना है। रोजाना 50 से 60 और अधिक संख्या में ट्रैक्टर अवैध रेत लेकर निकल रहे हैं। इस तरह सरपंच की जेब में हर दिन हजारों रुपये से ज्यादा की काली कमाई जा रही है। पंच पति सरपंच चाहते के आड़ में धौंस दिखाई जा रही है, जो कोई विरोध करे उसे धमकाया जा रहा है।
गांव के कई लोगों ने खनिज विभाग के आला अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारी सिर्फ इतना कहकर टाल देते हैं कि “ट्रैक्टर को पकड़ना मुश्किल है”। सवाल उठता है कि जब पूरा गांव बता रहा है कि कहां-कहां उत्खनन हो रहा है, तब भी विभाग हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठा है? क्या सरपंच और अधिकारियों में कोई सांठगांठ है?
परिणाम यह है कि महानदी का तट तेजी से कट रहा है, खेतों में पानी का स्तर गिर रहा है और आने वाली पीढ़ी के लिए नदी को खतरा पैदा हो गया है। सरपंच जनता का सेवक होने की बजाय लुटेरा बन बैठा है। ग्रामीण अब न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की नींद नहीं टूट रही।





