
रायपुर/बस्तर। मुख्यमंत्री के बस्तर प्रवास के दौरान आयोजित ‘जनजातीय जोहार’ कार्यक्रम में परंपरा, संस्कृति और जनजातीय गौरव की शानदार झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संविधान प्रदत्त अधिकारों, जनजातीय धरोहरों, सामाजिक परंपराओं और प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास सिर्फ गर्व का विषय नहीं, बल्कि देश की अस्मिता का आधार है।
वन मंत्री केदार कश्यप का प्रेरक संबोधन
कार्यक्रम में शामिल वन मंत्री केदार कश्यप ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि जनजातीय समुदाय के पूर्वजों ने जिस साहस, त्याग और वीरता से स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक सुधारों में योगदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, वनाधिकार और आजीविका को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं को और मजबूत किया जा रहा है।
सरकार के प्रमुख घोषणाएँ और किए जा रहे कार्य
शिक्षा एवं युवाओं के लिए कदम
दूरस्थ अंचलों में आवासीय विद्यालयों का विस्तार, स्थानीय भाषा और बोली आधारित शिक्षा मॉडल ,जनजातीय विद्यार्थियों के लिए विशेष छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की संख्या बढ़ाई जाएगी,मलेरिया-मुक्त बस्तर अभियान को तीव्र गति ,दूरस्थ गांवों में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा
वनाधिकार एवं आजीविका
व्यक्तिगत और सामुदायिक वनाधिकार पट्टों के निराकरण में तेजी लघु वनोपज समर्थन मूल्य एवं प्रोसेसिंग यूनिट्स का विस्तार आत्मनिर्भर समूहों के लिए ऋण सुविधा और प्रशिक्षण
संस्कृति और धरोहर संरक्षण
पारंपरिक नृत्य, शिल्प और विरासत के संरक्षण के लिए जिला-स्तरीय केंद्र
जनजातीय संग्रहालयों का आधुनिकीकरण
बस्तर दशहरा, मड़ई और लोक उत्सवों को अंतरराष्ट्रीय पहचान देने की पहल । जनजातीय युवाओं ने किया पारंपरिक नृत्य, गूंजा बस्तर का लोकगीत ,कार्यक्रम स्थल पर बस्तर की पारंपरिक लोकधुनों और मांदरी की थाप पर कलाकारों ने आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। विभिन्न समुदायों ने अपनी सांस्कृतिक झलकियां पेश कर लोगों का मन मोह लिया।
विकास और परंपरा का संगम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बस्तर के युवाओं को रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा प्रदान करना है, साथ ही उनकी संस्कृति, पहचान और परंपरा को सहेजना सर्वोच्च प्राथमिकता है।उन्होंने विश्वास दिलाया कि आने वाले समय में बस्तर प्रदेश के विकास का नया केंद्र बनेगा।





