
ग्राम बिनोरी निवासी श्री रामेश्वर कोसले को स्वरोजगार के लिए मिला रंगीन प्रिंटर
समाज कल्याण विभाग की पहल से खुलेगी नई संभावनाओं की राह कबीरधाम जिले में जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को जिला कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने ग्राम बिनोरी निवासी दिव्यांग श्री रामेश्वर कोसले को स्वरोजगार प्रारंभ करने के उद्देश्य से रंगीन प्रिंटर प्रदान किया।
यह सहायता समाज कल्याण विभाग के माध्यम से दी गई है, जिससे श्री कोसले अब अपने ही गांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रिंटिंग, दस्तावेज़ तैयारी, फोटोकॉपी एवं संबंधित सेवाओं का कार्य प्रारंभ कर सकेंगे। इस कदम से न केवल उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा, बल्कि क्षेत्र के अन्य दिव्यांगजनों के लिए भी यह एक प्रेरणास्रोत बनेगा।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि शासन और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाना है, विशेष रूप से उन लोगों को जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद आत्मनिर्भर बनने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि –“दिव्यांगजन समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। वे अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, साहस और परिश्रम से यह साबित कर रहे हैं कि यदि हौसला हो तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।”
कलेक्टर वर्मा ने आगे कहा कि जिला प्रशासन ऐसे लोगों को आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है ताकि वे अपनी योग्यता के अनुरूप कार्य कर सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।
रंगीन प्रिंटर प्राप्त करने पर श्री रामेश्वर कोसले ने हर्ष व्यक्त करते हुए कलेक्टर श्री वर्मा एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि _ “यह सहायता मेरे लिए नई उम्मीद लेकर आई है। अब मैं अपने दम पर स्वरोजगार शुरू कर सकूंगा और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में आगे बढ़ूंगा।”
इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग की उपसंचालक श्रीमती अभिलाषा पंडा भी उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जिले के अन्य दिव्यांगजनों की भी पहचान कर उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जा रहा है ताकि कोई भी व्यक्ति सहायता से वंचित न रहे।कबीरधाम जिला प्रशासन द्वारा चलाई जा रही यह पहल जिले में समावेशी विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस तरह के प्रयासों से न केवल दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि समाज में सम्मानपूर्वक अपनी पहचान भी स्थापित कर रहे हैं।





