
“विश्व हिंदू परिषद की अपील” गणेश विसर्जन धार्मिक मान्यता अनुसार तय तिथि में सभी समितियां करें,नशापान करने वालों को कार्यक्रम से दूर रखे
बालोद:- विश्व हिंदू परिषद बालोद जिला संगठन ने जिले की सभी गणेश समितियों से अपील करते हुए कहा है कि सभी समिति सदस्य व आयोजनकर्ता विसर्जन के दौरान इस बात का विशेष ख्याल रखे कि विघ्नहर्ता श्री गणेश जी के विसर्जन के दौरान कोई भी नशा करके सनातन धर्म व देव विसर्जन में शामिल न हो विगत 10 दिनों से सनातन देव परंपरा से आप सभी ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की है, वहीं विसर्जन के दौरान कई लोग नशापान करके माहौल को दूषित करते हैं ,डीजे की धुन अश्लील गानों में नाचते हुए गणेश जी को विसर्जन करने ले जाते हैं, जो हमारी हिंदू सांस्कृतिक धार्मिक परंपरा नहीं है। इस प्रकार के कार्यों से समितियों का नाम भी खराब होता है वहीं हिंदू समाज के सामने अप्रिय स्थिति भी बनता है।
विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि नशापान करके गणेश विसर्जन करने से पुण्य के बजाय पाप लगता है। वहीं समाज में गलत संदेश जाता है इसलिए, संगठन ने कहा है कि विसर्जन के दिन आयोजन समिति नशापान करने वालों से दूर रहे और गणेश विसर्जन को पारंपरिक संगीत व ढोल बाजों के साथ पूरे विधि विधान से गणपति बप्पा का विसर्जन करें।
हिंदुत्व के मान-सम्मान को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी – विश्व हिंदू परिषद ने कहा है।की हिंदु धर्म को मजबूत करना, मान-सम्मान को बनाए रखने की जिम्मेदारी हम आप सभी पर है । जिस उत्साह व खुशी के साथ आप सभी ने शहर,नगर,गांवों में गणेश जी की मूर्ति स्थापित किया है वास्तव में सनातन देव परंपरा का यह पर्व व अनुष्ठान से लाखों गणेश भक्तों को बप्पा का आशीर्वाद मिला हैं। व आपकी समितियों ने इसको और भी भव्य बनाया है। विश्व हिंदू परिषद बालोद जिला संगठन आप सभी से यही अपील करता हैं कि गणेश विसर्जन को धार्मिक और पारंपरिक तरीके से तय तिथि के दिन एक साथ करने का एक पहल सभी सनातन धर्मप्रेमी बंधु करें जिससे धर्म समाज के बीच एक अच्छा धार्मिक वातावरण बने
जिले के सभी गणेश समितियों के युवाओं का अभिनंदन जिन्होंने अथक मेहनत व परिश्रम कर हिंदू धर्म सनातन समाज के देवता गणेश जी का स्थापना कर पूजा सम्पन्न की।
2.*प्रेस विज्ञप्ति*

गणेश विसर्जन पर नशामुक्ति की अपील, कोमल संभाकर ने कहा – अपना त्योहार, अपनी आस्था, अपनी जिम्मेदारी
धमतरी। गणेश उत्सव का समापन विसर्जन के साथ होता है, लेकिन इस दौरान कई स्थानों पर कुछ लोग डीजे–धुमाल में नशे की हालत में झूमते-नाचते दिखाई देते हैं, जिससे विवाद की स्थिति बन जाती है। ऐसे हालातों से बचने और त्योहार की गरिमा बनाए रखने के लिए युवा समाजसेवी कोमल संभाकर ने नशामुक्ति की अपील की है।
कोमल संभाकर ने कहा गणेश जी का विसर्जन आस्था और श्रद्धा का पर्व है, इसका मज़ाक नहीं बनाया जाना चाहिए। डीजे और धुमाल में नशा करके नाचने से न सिर्फ त्योहार की पवित्रता कम होती है, बल्कि समाज में विवाद और अशांति की स्थिति भी उत्पन्न होती है। अपनी संस्कृति और आस्था का सम्मान करना हर किसी की जिम्मेदारी है। इसलिए सभी साथी नशा छोड़कर एकता, भाईचारे और शांति का संदेश देते हुए श्रद्धा और शालीनता के साथ गणेश विसर्जन में शामिल हों।





