
कोरबा/पाली:-पाली विकासखंड के पूर्व माध्यमिक शाला रजकम्मा में मासूम बच्चों से बेंच ढोवाने जैसे शर्मनाक कृत्य के सामने आने के बाद भी शिक्षा विभाग की सुस्ती कम होने का नाम नहीं ले रही है।
पत्रकार द्वारा जब इस गंभीर विषय पर BEO साहब से सवाल किया गया, तो उन्होंने बड़ी सहजता से कह दिया…
“जांच टीम बना दी गई है, रिपोर्ट आने दीजिए।” कार्यवाही तो होगा करके अपना इतिश्री पूरा कर लिया गया….!
लेकिन अफसोस की बात ये है कि ना रिपोर्ट आई, ना कार्रवाई, ना कोई जवाब!
शायद शिक्षा विभाग के लिए बच्चों से मजदूरी कराना कोई बड़ी बात नहीं रह गई है।
‘जांच’ एक बहाना, ‘चुप्पी’ असली कहानी!
जब मामला तूल पकड़ता है तो “जांच टीम” का जुमला उछाल देना विभाग की पुरानी आदत बन चुकी है।
लेकिन सच्चाई ये है कि शिक्षा विभाग की पूरी मशीनरी दोषियों पर हाथ डालने से कतरा रही है।
कब तक बच्चों के साथ अन्याय पर चुप रहेगा सिस्टम?
क्या मासूम बच्चों से बेंच ढुलवाना अपराध नहीं है?
क्या जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है?
BEO साहब बताएँ – अब तक रिपोर्ट कहाँ है? और किसके दबाव में हैं?





