
@अजय जांगड़े
छत्तीसगढ़:कवर्धा/खैरागढ़। विवादास्पद फिल्म “उदयपुर फाइल्स” के खिलाफ देशभर में उठ रहे विरोधों की श्रृंखला में अब रजा यूनिटी फाउंडेशन ऑफ इंडिया (RUFC) और मुस्लिम समाज ने भी अपनी आवाज बुलंद कर दी है। संगठन द्वारा फिल्म में नबी-ए-करीम हजरत मोहम्मद (सलल्लाहु अलैहि वसल्लम), मस्जिदों, मदरसों और मुस्लिम धार्मिक शिक्षकों के विरुद्ध प्रदर्शित की गई कथित आपत्तिजनक सामग्री की तीखी निंदा की गई है।
फाउंडेशन का कहना है कि यह फिल्म न केवल मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है, बल्कि देश की सामाजिक एकता और सौहार्द को भी गंभीर खतरे में डालती है। RUFC पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि “इस प्रकार की फिल्में समाज में वैमनस्य फैलाने वाली और सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा देने वाली हैं, जिन पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
इसी क्रम में संगठन ने देश के विभिन्न जिलों में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम और खैरागढ़ जिलों में जिला कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपते हुए फिल्म “उदयपुर फाइल्स” के प्रदर्शन पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की गई। ज्ञापन में फिल्म की पूरी सामग्री की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा इसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की मांग भी की गई है।
फाउंडेशन और मुस्लिम समाज ने यह भी अपील की है कि “देश में शांति, एकता और भाईचारा बनाए रखने के लिए ऐसे भड़काऊ कंटेंट पर सख्त रोक जरूरी है।” उन्होंने केंद्र सरकार और सेंसर बोर्ड से भी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है।
संगठन की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि विरोध का उद्देश्य कानून और संविधान के दायरे में रहकर धार्मिक भावनाओं की रक्षा करना है, न कि किसी प्रकार का राजनीतिक या व्यक्तिगत लाभ प्राप्त करना।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय मुस्लिम समुदाय में भी रोष का माहौल है, और वे चाहते हैं कि “उदयपुर फाइल्स” जैसी फिल्मों पर लगाम लगाई जाए जो समाज के ताने-बाने को कमजोर करने का कार्य कर रही हैं।





