
दुर्ग : खाद्य एवं औषधि प्रशासन संभागीय कार्यालय में वहां की चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी द्वारा जो कि अब पदोन्नति होकर नमूना सहायक के पद पर आ चुकी है उसके द्वारा बीते 20 जनवरी को अपने ऑफिस स्टाफ एवं अधिकारियों पर मानसिक एवं शारीरिक परेशान करने का शिकायत दुर्ग जिला कलेक्टर जनदर्शन में की गई है जिसके फाइल को लंबे समय तक दुर्ग सीएमएचओ द्वारा दबा कर रखने की बात सामने आ रही है क्योंकि इस मामले में हीला हवाला करने का पूरा वाक्या दिख रहा है फरवरी माह खत्म होने को हैं जिसकी शिकायत मंत्रालय तक की गई है इस मामले में ना कोई जांच की गई ना ही कोई आधिकारिक रूप से इसके उसकी सूचना भी दी गई।
आपको बता दें कि खाद्य एवम औषधि प्रशासन संभागीय कार्यालय दुर्ग में कार्यरत एक महिला कर्मचारी द्वारा अपने विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारियों पर शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है इस मामले में उनके उच्च अधिकारी दुर्ग सीएमएचओ डॉक्टर मनोज दानी के द्वारा जब इस मामले में बात की गई तो वह पूरे तरीके से गोल-मोल जवाब देते हुए पूरा ठीकरा उस महिला के ऊपर ही फोड़ते नजर आए जब मीडिया के संज्ञान में यह मामला आया तो उन्होंने कहा कि वह महिला ही गलत है उसका कहना है कि वह सिर्फ ऑफिशियल टाइम में ही काम करेगी उसके अलावा नहीं करेगी जबकि वहीं इस मामले में इस महिला से मीडिया ने जब संपर्क करने की कोशिश की तो उसने किसी भी मामले में बोलने से बचती नज़र आई और शिकायत की जब बात आई तो अभी भी इस मामले में जो अधिकारियों द्वारा जो जवाब पेश किया गया है पूरा गलती उसी पीड़ित महिला के ऊपर ठीकरा फोड़ करके इतिश्री कर ली गई है जो कि मीडिया को जानकारी प्राप्त हो रही है वही इस पूरे मामले में कहीं ना कहीं दुर्ग जिला सीएमएचओ डॉक्टर मनोज दानी खाद एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को बचाते हुए नजर आ रहे हैं लेकिन इसमें सोचने वाली बात यह है कि जिस पीड़ित को न्याय मिलने की उम्मीद में उसने कलेक्टर जन दर्शन से लेकर मंत्रालय में शिकायत की थी उसी के उच्च अधिकारियों द्वारा इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है और सब के सुब मिलकर अपना राग अपनी डफली बजाते नजर आ रहे हैं और महिला को न्याय मिलने की उम्मीद नहीं नजर आ रही है ।





