पंडरिया, नगरीय निकाय की मतदान तिथि कुछ ही दिनों में होने वाला है तो वहीं प्रत्याशीयों में अपनी हार जीत को लेकर धड़कने तेज हो रही है तो वहीं कुछ प्रत्याशी अपने व्यक्तित्व को लेकर अपने निर्वाचित होने को आस्वस्त है।
उम्मीद्वारों की उम्मीद्वारी उनके स्व प्रतिभा और व्यवहारिक कुशलता के अनुसार प्राप्त होने को है पर जनता के मन में यह भी सवाल उठ रहा है कि ऐसे प्रत्याशी जो तत्कालीन प्रतिनिधि रह चुके हैं उनके कार्यकाल पर सवाल उठ रहा है।
केवल और केवल कमीशन के चलते नगर विकास में कार्य नहीं हो पाया है अगर हुआ है थोड़ा सा भी तो घटिया और अनुपयोगी ढंग से हुआ है जिसक साक्षात् साक्ष्य पंडरिया की जनता ही है।ऐसे भ्रष्ट और चम्मच नुमा प्रतिनिधि को पुनः अवसर देना मानो “आ बैल तू मुझे मार”के कहावत को चरितार्थ करता नजर आएगा।
आज भी नगर पालिका परिषद पंडरिया के अधीन रहने वालों जनता और कर्मचारियों को भी ऐसा सम्मान और विकास की तनिक सुख जिसे देखने व सुनने में आए नहीं मिल पाया है।
पंडरिया की आम जनता,मतदाता और जनप्रतिनिधि सहित अनेक विभागों में पदस्थ अधिकारी कर्मचारी पीड़ित हैं जो अब अपनी पिछले समय में किए हुए गलती को दोहराने के लिए तैयार नहीं है।