पंडरिया कुछ लोग सिर्फ सट्टा, जुआ को ढाल बनाकर लोगों के बीच घोल रहे नफरत का जहर।पंडरिया में अवैध शराब, जुआ, सट्टा का खेल होने का जोर शोर कर रहे विरोध जबकि उन्ही लोगों के द्वारा किया जा रहा है यह गोरख धंधा।
पुलिस प्रशासन को यह कहना गलत है की वह कार्य के प्रति सजग नहीं,पुलिस प्रशासन अपनी पहुंच तक हर संभव क्राइम को रोकने का प्रयास करती हैं। पंडरिया का माहौल लगातार खराब होना पोशाक धारी नेताओं के कारण ही होते जा रहा है पुलिस के ऊपर लगातार बात उठते जा रहा है पर क्या लगता है कि पुलिस कार्यवाही नही करना चाहती ,सभी पद में पदस्थ सिपाही व कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन करती है। सर्व समाज में हो रहे कुरीतियों को पुलीस प्रशासन के सर थोपना सही नहीं होगा ,हां वाकई में कहीं चूक हो जाती हैं जिसके चलते अवैध कार्य करने वालो का हौसला कुछ दिनो के लिए बुलंद हो जाता है । पंडरिया में कहा जाता है कि जुआ का खेल खुलेआम चल रहा है जिसकी जानकारी पुलिस को होने के बावजूद भी कार्यवाही नहीं करना बताया जाता है ऐसे लोग अवसर वादी और लालसा से भरे होते हैं जो सामने आकर पुलिस, देश व समाज का सहयोग नही कर सकते। तो क्या वो बता सकते हैं ऐसा कहने वाले आखिर कर जुआ कहां और सट्टा कौन खेलाता है? क्या किसी ने लिखित शिकायत किया है,समझ सकते है इशारा की लोग कितने मुंहबोले हो रहे हैं । जिला पुलिस अधीक्षक के द्वारा सभी थाना प्रभारी को शक्त निर्देश दिए गए थे की चुनावी समय में ध्यान देकर अपनी अपनी थाना चौकी क्षेत्र में शांति तथा अपराध पर अंकुश लगाकर कार्यवाही करें जिस पर तत्पर्ता से अपने दायित्व का पुलिस थाना पंडरिया के द्वारा पुर्ण रूप से निर्वाहन किया जा रहा। कहा जाता है पंडरिया के कुछ वार्ड में खुलेआम शराब बेचा जाता है वही झूठों का कमी नहीं है इस दुनिया में।
आज पंडरिया पूरा बंद है इसका कारण पुलिस नहीं भ्रष्टाचार व अपराध को पनाह देता समाज है । जो चुनावी मुद्दों सहित अपने निजी रंजीश को लेकर पुलिस वालों को निशाना साधा जा रहा है। जबकि पुलिस गलती करने वाले के ऊपर उचित कार्यवाही करने सजग है।
व्यापारी संघ के द्वारा सभी दुकानों को आज बंद कर विरोध जताया जा रहा है जो सही है। पर क्या व्यापारी के आड़ में गलत कार्य में संलिप्त नहीं है लोग मेडिकल की बात करें तो आज जिसके नाम पर फार्मा नहीं है उनके द्वारा भी मेडिकल दूकान खोल संचालन किया जा रहा है वहीं बैन लगे दवाई व इंजेक्शन बेचा जा रहा तथा एक्सपायरी हुए खाद्य सामग्री नहीं बिक रहा जिसके चलते किसी का भी परिवार के सदस्यों चाहे वह क्यों न बच्चे ही हो पाइजन का शिकार हो सकते हैं। क्या उनको स्वयं ज्ञान नहीं है की गलत क्या है अगर वहीं पुलिस वाला उस गलत को रोकने का प्रयास करे तो गुनहगार हो जाता है इससे पहले क्या कोई ऐसा व्यक्ति है जो साक्ष्य दे सके की क्या गलत है यह कार्य इस पर कोई समाज धर्म व शांति दूत बने महामानव तैयार है।
सुरक्षा की दृष्टी से एकता होना जरूरी
अगर किसी व्यापारी से लूट करने की मंशा से मारपीट किया जाता है तो सहीं है व्यापारियों के द्वारा पर यदि कोई भी व्यक्ति व्यापार करता और दादा गिरी निजी तौर पर करता है तो क्या व्यापारीगण उनके समर्थन तब भी करते रहेगें। जिसके चलते व्यापारी गुस्से में है सच व्यापारियों में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता कहीं न कही पर समाज में उपद्रव रहते हैं ही चाहे वह वर्ण व्यवस्था में हो या कैटेगरी व्यवथा में रहें।
ओहदे प्राप्त समुदाय के द्वारा ही चलाया जाता हाई टेक सट्टा, अफीम जैसे मंहगी अवैध धंधा कर सकने में समर्थ है यह अनोखा विचार है। लोगों को गुमराह कर कुछ ऊंचे ओहदे वालों के द्वारा अवैध सट्टा आदि का कारोबार किया जाता है जो किसी से छुपा नहीं है।
पुलिस प्रशासन पंडरिया में दो गुटों में हुईं विवाद को सुलझाने की हर संभव प्रयास किया वहीं आरोपी के खिलाफ़ निर्धारित धारा के तहत कार्यवाही भी गई जो सही है। पुलिस प्रशासन सदैव अपनी मान, अभिमान को बचा कर चलती है और लोगों को हमेशा दोष मुक्त तथा नशा मुक्त रहने का अपील करते पाया जाता पर लोगों के द्वारा पुलिस को सहयोग करने की अपेक्षा उनको गलत नजरिए से देखती जो कि ऐसे लोग स्वयं निंदा के पात्र हैं।