
*CGNRC की रजिस्ट्रेशन शाखा व कर्मचारी की जुगलबंदी से नर्सिंग छात्राओं के रजिस्ट्रेशन में धांधली का आरोप….थाने में शिकायत*
रायपुर। स्वास्थ्य सेवा में हर अस्पताल में नर्स प्रमुख भूमिका निभाती है।आजकल छत्तीसगढ़ नर्सेज काउंसिल में भी इन्ही नर्सों के फर्जी रजिस्ट्रेशन के आरोपों को लेकर सरगर्मी तेज़ है ।आपको बता दें कि सीजीएनआरसी एक ऑटोनोमस संस्था है जहां पर निजी या शासकीय प्रशिक्षण महाविद्यालय में नर्सिंग प्रशिक्षण ले रही छात्राओं का पंजीयन होता है।
छात्रों ने फर्जी रजिस्ट्रेशन की शिकायत…अब फर्जीवाड़ा छुपाने कॉलेज और काउंसिल की जुगलबंदी
गौरतलब है कि कुछ ही दिनों पहले छत्तीसगढ़ नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल द्वारा दिनांक 12/07/2022 को नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थाओं को प्रशिक्षणार्थियों के पंजीयन हेतु सूचना जारी की गई।उक्त सूचना में पंजीयन संबंधित प्रशिक्षणार्थियों के समस्त दस्तावेजों का सत्यापन कर काउंसिल में आवेदन करने आदेश दिया गया था जिसके बाद रजिस्ट्रेशन नंबर की प्रक्रिया शुरू होती।लेकिन हैरतंगेज बात यह है कि सारे मापदंडों को परे करते हुए अभनपुर के पचेड़ा स्थित रविशंकर इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग की छात्रा का रजिस्ट्रेशन उनके महाविद्यालय से सत्यापित दस्तावेज आने के पूर्व ही हो गया।दरअसल रविशंकर इंस्टीट्यूट ने सीजीएनआरसी में 13/07/2022 को अपने प्रशिक्षणार्थियों की सत्यापित दस्तावेजों के साथ सूची भेजी जबकि 12/07/2022 को लक्ष्मी कारले का पंजीयन हो चुका था।और जानकारी के मुताबिक जब अगले दिन सत्यापित दस्तावेजों की सूची में लक्ष्मी कारले का नाम देखा गया तब आनन फानन में उसका 12/07 का पंजीयन रद्द करवाया गया।
सीजीएनआरसी में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर पर लगाया पद का दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप मामले में धमतरी जिले की कुछ छात्रों द्वारा सीएनआरसी में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर सतीश अनंत पर पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी रजिस्ट्रेशन का आरोप लगाया । बड़े पैमाने में फर्जीवाड़ा का आरोप लगने पर अब सीजीएनआरसी की रजिस्ट्रेशन शाखा ने बगले झांकते हुए इस मामले को महज़ गलती बताकर पल्ला झाड़ने और जैसे तैसे मामले को दबाने की भरपूर कोशिश करने लगे।अब सीजीएनआरसी और रविशंकर कॉलेज ने सीजीएनआरसी के डाटा एंट्री ऑपरेटर को बचाने और फर्जीवाड़े की बदनामी से बचने रविशंकर कॉलेज के ऑपरेटर पर आरोप मढ़ रहे हैं।
कॉलेज की सूची में प्रिंसिपल की सील है परंतु दिनांक गायब….अपना उल्लू सीधा करने दूसरों पर डाला जा रहा बोझ
इस मामले में रविशंकर इंस्टीट्यूट में कार्यरत ऑपरेटर ने थाने में शिकायत की है कि इंस्टीट्यूट द्वारा दबाव दिया जा रहा है कि वो इस बात को मान ले कि 12/07/2022 को छात्रा को उसने दस्तावेज दिया।अब इस लिहाज से तो इंस्टीट्यूट अनजाने में लक्ष्मी कारले को ही दोषी बना बैठा।तो सवाल यह है कि 12/07/2022 को बिना सत्यापित दस्तावेज के डायरेक्ट एंट्री के लिए सीजीएनआरसी में क्या डाटा एंट्री ऑपरेटर के माध्यम से फर्जी पंजीयन किया जा रहा है।
डाटा एंट्री ऑपरेटर सतीश अनंत ने खोली रजिस्ट्रेशन शाखा की पोल
सतीश ने कहा : छात्रा का दस्तावेज नहीं आया था,रजिस्ट्रेशन शाखा से बात कर किया गया कार्य
पत्रकार द्वारा जब इस संबंध में ऑपरेटर सतीश अनंत से फोन पर बात हुई तो उन्होंने रजिस्ट्रेशन शाखा की पोल खोल दी और उनका कहना था कि गलती से उस छात्रा ने फार्म के लिए यहां आकर बात की थी और फॉर्म डालने की अंतिम तिथि थी इसलिए उनका रजिस्ट्रेशन जारी किया गया और जब हमको पता चला कि अगले दिन दस्तावेज आ रहा है तब उसका 12/07 का पंजीयन कैंसल किया गया और चूंकि अगले दिन दस्तावेज आने वाले थे इसलिए रजिस्ट्रेशन शाखा द्वारा धोखे से कर दिया गया गलती हो गई।जिसके लिए मैं क्षमा चाहता हूं। संबंध में रजिस्ट्रेशन शक्कर में सतीश को बुलाकर धमकाया भी गया कि जब तुम रेजिट्रेशन शाखा में नही है तो तुम ये बयान क्यों दिए।मतलब साफ है कि ऑपरेटर ने स्वीकार किया की रजिस्ट्रेशन शाखा की मदद से ऐसे कार्यों को अंजाम दिया जाता है और रजिस्ट्रेशन शाखा की मिलीभगत की बात भी सामने आई है।
मामले में बड़ी बात यह है कि रविशंकर इंस्टीट्यूट की अधिकृत सूची में प्रिंसिपल की सील और हस्ताक्षर तो है लेकिन इस सूची में प्रिंट दिनांक नदारद है।जिससे मामला और भी गर्म है।
यहां तक कि सीजीएनआरसी में पंजीयन संबंधित वीडियो जल्द ही पब्लिक स्वर द्वारा सामने लाया जाएगा।
दुर्गावती कुंजाम,रजिस्ट्रार,सीजीएनआरसी
मामला मेरे संज्ञान में लाया गया है,जल्द ही जांच कर दोषियों पर उचित कार्यवाही की जाएगी।
@mrck





