
*:रेत का अवैध उत्खनन बदस्तूर हैं जारी…. बगैर रायल्टी से अवैध निकासी…*
*गाड़ाडीह-सौंगा रेत घाट में धड़ल्ले से राजस्व की चोरी…*
*विभागीय अधिकारी मौन… रेत माफियाओं में अधिकारी का नही है कोई ख़ौफ़….*
छत्तीसगढ़/धमतरी:-
मुख्यमंत्री के एक ट्वीट पर जिला के मुखिया औऱ एसपी साथ ही माइनिंग विभाग में जोरों से खलबली मच गई थी, जिसमें सूबे के मुखिया भूपेश बघेल द्वारा रेत घाट की सतत निगरानी और अवैध निकासी पर जिला कलेक्टर एवं एसपी और माइनिंग अधिकारी पर कार्यवाही की बात कही थी,… लेकिन समय बीतता गया और मुख्यमंत्री के ट्वीट महज ट्वीट तक ही सिमट गया…. अब चाहे रेत ठेकेदार चोरी करे या कुछ और न तो इससे विभाग को मतलब है और न ही जिला के मुखिया को हालांकि आदेश में कहा गया था अवैध उत्खनन में कलेक्टर एसपी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी और ढिलाई दिखाने पर सख्ती से कार्यवाही की बात थी लेकिन अब मुखिया का आदेश ठंडा बस्ते में चला गया है ।
रेत का अवैध खनन जिले में तेज गति से चल रहा है, इस संबंध में लगातार शिकायतें करने के बाद भी अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरा खेल अधिकारियों की मिलीभगत से बेखौफ चल रहा है,वहीँ रेत ड्राइवर को रोककर पूछताछ में पता चला कि बगैर रायल्टी ही रेत की निकासी ठेकेदारों द्वारा करवाई जा रही है वही एक रायल्टी में दो से तीन हाइवा रेत पार कर जा रहे हैं । ग्रामीणों द्वारा इसकी शिकायतें भी की गईं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई अधिकारियों ने नहीं की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरा खेल अधिकारियों की मिलीभगत से बेखौफ चल रहा है।

ताजा मामला गाड़ाडीह-सौंगा, परखन्दा, गिरौद,करेली छोटी जो कि सेल्दीप तरफ से निकासी होती है जिसमें ग्रामीणों मुताबिक सेल्दीप सरपंच की मिलीभगत सामने आई है साथ ही,हरदी, सिरसिदा, गुदगुदा, नारी, मंदरौद,जिन्हें खनन स्वीकृति तो है लेकिन क़ायदे कानूनों को ताक मव रखकर जेसीबी चैन माउंटेन लगाकर महानदी का सीना छलनी करने कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
*राजनैतिक संरक्षण का आरोप*
ग्रामीणों का आरोप है कि रेत का अवैध उत्खनन करने वालों को राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण कोई कुछ नहीं कर पाता। जो लोग इसका विरोध करते हैं उनको भी शांत करा दिया जाता है। उनका यह भी आरोप है कि यहाँ पर अनधिकृत रूप से रात दिन तीन बड़े चैन माउंटेन मशीनों से लगाकर रेत निकाली जाती है, जबकि घाटों से मशीनों से रेत निकालने पर प्रतिबंध लगा हुआ है बावजूद इसके रेत माफियाओं को कायदे कानून से कोई लेनदेन नही है।
मामला विभागीय अधिकारी के संज्ञान में भी है अब देखना यह होगा कि रेत घाट पर किस प्रकार की कार्यवाही होती है. ?.?.?.

चुनेश साहू 7049466638





