
सोसाइटी में हुए भ्रष्टाचार की जांच लटकी अधर मे,
कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ने लगाया सांठगांठ आरोप, और आगे क्या कहा देखिये एक रिपोर्ट,

बालोद जिले क़े गूण्डरदेही ब्लाक के सेवा सहकारी समिति सतमरा में धान उपार्जन केंद्र में एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है।खरीदी केंद्र में कार्यरत तौलक ने आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है कि स्टॉक में 675 कट्टा (बोरा) धान कम शॉर्टेज पाया गया है। इस संबंध में एक पंचनामा वायरल हुआ था,उक्त मामले को लेकर ब्लाक कांग्रस कमेटी अध्यक्ष कचरु राम साहू ने निष्पक्ष जाँच के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को लिखित शिकायत करते हुए ज्ञापन सौपा था, ताकि दोषियों पर कार्यवाही हो सके,,
क्या है पूरा मामला-
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुण्डरदेही ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सतमरा निवासी दक्षराज साहू पिता स्व. शिवदयाल साहू ने वर्ष 2025-2026 के लिए धान उपार्जन केंद्र 222 में तौलाई और छल्ली करने का ठेका लिया था। हाल ही में हुए भौतिक सत्यापन के दौरान भारी मात्रा में धान गायब मिला। पंचनामे में तौल बारदाना स्टॉक में 675 कट्टे कम हो गए हैं। और मिलर को 83.50 क्विंटल एवं फड़ में 57.48 क्विंटल कमी आया है,
शॉर्टेज का चौंकाने वाला आंकड़ा-
दस्तावेज में कमी का जो विवरण दिया गया है, वह केंद्र के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है बता दे कि मिलर शॉर्टेज 83.50 क्विंटल, फड़ शॉर्टेज, 57.48 क्विंटल और कुल कमी 675 कट्टे धान कम पाया गया।
कार्रवाई के डर से ‘सहमति पत्र’ का खेल-
मामला उजागर होने के बाद, तौलक को पंचनामा लिखकर अपनी गलती स्वीकार करने को कही गई । उसने आश्वासन दिया है कि वह तत्काल 300 कट्टा धान जमा करेगा और शेष 375 कट्टे व शॉर्टेज की राशि का भुगतान 15 दिनों के भीतर कर देगा। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में धान केंद्र से कैसे गायब हो गया ग्रामीणों और किसानों क़े बीच जन चर्चा का विषय बना हुआ है,कि यह केवल एक व्यक्ति की गलती नहीं बल्कि एक संगठित भ्रष्टाचार हो सकता है। सरकारी को लाखों का चूना लगना तय माना जा था,लेकिन इसी बीच एक चौकाने वाला खबर आया है, कि शर्तेज हुए धान को आनन फानन मे चोरी छुपे पूरा करा दिया गया है,अब देखना यह है कि प्रशासन इस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करता है या केवल ‘भरपाई’ करवाकर मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है, वही उक्त मामले को लेकर समिति क़े अध्यक्ष एवं प्रबंधक से फोन के माध्यम से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया, फोन रिसीव नहीं किया जा रहा है , तो वही समिति प्रबंधक कुछ भी बोलने से बचते हुए नजर आ रहे है, प्रबंधक ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया गया,ग्रामीणों मे भारी जन चर्चा का विषय बना हुआ है, लोग दबे जुबान से कहने लगे है, समिति अपना गलती छुपाने तौलक को बली का बकरा बनाया जा रहा था , बहरहाल मामला बहुत ही संदिग्ध है, अब आगे क्या कार्यवाही होती है, वही कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं सचिव ओम प्रकाश यादव ने निष्पक्ष जाँच कर दोषियों पर कार्यवाही मांग करते हुए, प्रबंधक और अध्यक्ष को हटाने की बाते कही है,,,,,,





