
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
बिलासपुर–कटनी रेल मार्ग पर सोमवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब कोयले से लदी एक मालगाड़ी के करीब 25 डिब्बे अचानक इंजन से अलग हो गए। यह घटना वेंकटनगर और खैरझीटी रेलवे स्टेशन के बीच खैरझीटी स्कूल के पास हुई, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मालगाड़ी पेंड्रारोड स्टेशन से अनूपपुर–कटनी की दिशा में जा रही थी। इसी दौरान अचानक डिब्बों की कपलिंग टूट गई और एक के बाद एक करीब 25 डिब्बे इंजन से अलग हो गए। हालांकि, लोको पायलट ने स्थिति को भांपते हुए तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
यदि समय रहते ट्रेन को नहीं रोका जाता, तो भारी नुकसान और जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि मालगाड़ी के डिब्बे अलग-अलग खड़े हैं और रेलकर्मी उनकी जांच में जुटे हुए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे का तकनीकी अमला तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया।
प्राथमिक जांच में कपलिंग टूटने को घटना का कारण माना जा रहा है, हालांकि रेलवे अधिकारियों ने विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।
तकनीकी टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी अलग हुए डिब्बों को सुरक्षित तरीके से दोबारा जोड़ा। इसके बाद मालगाड़ी को पुनः अपने गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि लोको पायलट की सतर्कता और त्वरित निर्णय के कारण एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और कपलिंग फेल होने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा और मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।





