hindmedianews
Breaking News
कबीरधामछत्तीसगढ़ब्रेकिंग न्यूज़समस्या

कबीरधाम में बाल श्रम कानूनों की खुली अनदेखी:जमीनी हकीकत बयां कर रही कड़वी सच्चाई

IMG-20250714-WA0596
previous arrow
next arrow

 

अजय जांगड़े

कवर्धा।

कबीरधाम जिले में बाल श्रम निषेध कानूनों का पालन केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। जिले के चारों विकासखंडों में संचालित अनेक और ज्यादातर कार्यरत संस्थानों—भोजनालयों, होटल-ढाबों, स्वीट्स दुकानों, वर्कशॉप, फेब्रिकेशन यूनिट्स और वैध अवैध कबाड़ दुकानों सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बाल श्रम निषेध से संबंधित अनिवार्य सूचना पटल (नोटिस बोर्ड) तक प्रदर्शित नहीं किए गए हैं। यह स्थिति न केवल नियमों की अनदेखी है, बल्कि प्रशासनिक निगरानी की विफलता को भी उजागर करती है।

जमीनी स्तर पर स्थिति यह है कि जहां कानून स्पष्ट रूप से सूचना पटल प्रदर्शित करने और बाल श्रम पर सख्त रोक की बात करता है, वहीं हकीकत में अधिकांश संस्थानों में इन नियमों का कोई अस्तित्व तक दिखाई नहीं देता। सवाल यह उठता है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी किस आधार पर “संतोषजनक” रिपोर्ट पेश कर रहे हैं?

“अभियान” सिर्फ फाइलों में, हकीकत में शून्य कार्रवाई

बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के नाम पर चलाए जा रहे अभियान की जमीनी समीक्षा लगभग नदारद है। निरीक्षण की जिम्मेदारी निभाने वाले विभागों की सक्रियता संदेह के घेरे में है। यदि जिले के अधिकांश संस्थानों में अनिवार्य सूचना पटल तक नहीं लगे हैं, तो यह साफ संकेत है कि या तो निरीक्षण हो ही नहीं रहे, या फिर जानबूझकर आंखें मूंदी जा रही हैं।

अच्छे प्रशासन के दावों पर करारा सवाल

सरकार और प्रशासन जहां “सुशासन” और “बाल संरक्षण” के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं कबीरधाम की यह स्थिति उन दावों पर सीधा तमाचा है। क्या अच्छे प्रशासन का मतलब केवल बैठकों और रिपोर्टों तक सीमित रह गया है? क्या जमीनी सच्चाई देखने की जिम्मेदारी अब किसी की नहीं बची?

शिक्षा और भविष्य दोनों खतरे में

बाल श्रम की अनदेखी का सबसे बड़ा नुकसान बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है। जब बच्चे मजदूरी में उलझते हैं, तो शिक्षा से उनका नाता टूट जाता है। यह केवल एक सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के विकास पर सीधा हमला है।

अब भी नहीं चेता प्रशासन तो हालात होंगे और भयावह

जरूरत है कि प्रशासन केवल कागजी खानापूर्ति से बाहर निकलकर सख्त और पारदर्शी कार्रवाई करे।

सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अनिवार्य सूचना पटल तत्काल प्रदर्शित कराए जाएं

नियमित और औचक निरीक्षण कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो

बाल श्रम उन्मूलन अभियान की वास्तविक जमीनी समीक्षा सुनिश्चित की जाए

यदि इसके बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारी मौन बने रहते हैं, तो यह मान लेना गलत नहीं होगा कि बाल श्रम के खिलाफ लड़ाई में सबसे बड़ी बाधा खुद सिस्टम ही बन चुका है।

संबंधित पोस्ट

गुण्डरदेही और बालोद विधानसभा क्षेत्रों में धार्मिक-सामाजिक आयोजनों में सक्रिय रहीं तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर

Chunesh Sahu

रसोइयों के स्वास्थ्य की चिंता, शिक्षक ने की सराहनीय पहल — स्वयं के व्यय से बनवाया धुआं रहित चूल्हा

Sakshi Bansod

खुटेरी (खे),सम्बलपुर,फरदडीह एवं बुंदेली में करोड़ों रुपए के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद जी*

Chunesh Sahu

पंडरिया विधायक भावना बोहरा द्वारा संचालित महाविद्यालयीन छात्राओं हेतु निःशुल्क बस सेवा का संचालन प्रारम्भ, छात्राओं,परिजनों और ग्रामीणों ने पूजा कर बस का किया भव्य स्वागत

hindmedianews

विधायक भावना बोहरा ने नगर पालिका पंडरिया के विभिन्न वार्डों में किया जनसंपर्क

Sakshi Bansod

सुशासन तिहार में जनता से रूबरू हुईं विधायक भावना बोहरा, कहा— जनसेवा ही हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता

Sakshi Bansod