
सुकमा।
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी के नेतृत्व में चल रही प्रभावी रणनीति और लगातार दबाव के चलते प्रतिबंधित नक्सली संगठन से जुड़े 6 महिला नक्सलियों सहित कुल 10 नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। इन नक्सलियों पर सरकार की ओर से कुल 33 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित था।
जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली लंबे समय से संगठन से जुड़े थे और कई बड़ी नक्सली घटनाओं में उनकी संलिप्तता बताई जा रही है। इन्होंने सुकमा पुलिस अधीक्षक के समक्ष आधुनिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया। यह सफलता सुकमा पुलिस, जिला बल और अर्धसैनिक बलों द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे अभियान का परिणाम मानी जा रही है।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति के तहत प्रति नक्सली 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि तत्काल प्रदान की गई। साथ ही उन्हें आगे शासन की पुनर्वास योजनाओं का लाभ देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्मसमर्पण के बाद इन नक्सलियों से संगठन की संरचना, मूवमेंट, ठिकानों और भविष्य की गतिविधियों को लेकर अहम जानकारियां मिलने की संभावना है, जिससे सुकमा और आसपास के इलाकों में नक्सल विरोधी अभियान को और मजबूती मिलेगी।
प्रशासन का मानना है कि लगातार हो रहे आत्मसमर्पण यह संकेत दे रहे हैं कि सरकार की विकास योजनाएं, सुरक्षा बलों की सक्रियता और पुनर्वास नीति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में असर दिखा रही हैं, जिससे नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहा है।





