
फर्जी शिकायत को लेकर पत्रकारों में आक्रोश, SP को सौंपा गया ज्ञापन
बेमेतरा। जिला मुख्यालय में आज पत्रकारों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। जिलेभर के पत्रकारों की एक आपात बैठक बेमेतरा रेस्ट हाउस में आयोजित की गई, जिसमें हाल ही में पत्रकारों के खिलाफ की गई फर्जी शिकायत को लेकर चर्चा की गई। बैठक के बाद सभी पत्रकारों ने एकजुट होकर पैदल मार्च किया और सिटी कोतवाली थाना पहुंचकर पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू को ज्ञापन सौंपा।
दरअसल, 7 नवम्बर को नवागढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र के सरपंच संघ ने पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें कुछ पत्रकारों पर फर्जी होने, वसूली करने और विज्ञापन के लिए दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
पत्रकारों ने अपने ज्ञापन में इन आरोपों को निराधार बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी पत्रकार पर वसूली, धमकी या दबाव डालने की शिकायत है, तो उसके ठोस साक्ष्य सार्वजनिक किए जाएं।साथ ही जिन सरपंचों के हस्ताक्षर सरपंच संघ के ज्ञापन में हैं, उनसे यह लिखित प्रमाण लिया जाए कि उन्होंने यह शिकायत स्वेच्छा से की है।
पत्रकारों ने सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की और सवाल उठाया कि_“क्या सूचना का अधिकार (RTI) लगाना अपराध की श्रेणी में आता है? यदि नहीं, तो इस आधार पर कार्रवाई क्यों की जा रही है?”पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा में निष्पक्ष जांच नहीं की गई, तो आंदोलन को राज्य स्तर पर और अधिक तेज किया जाएगा।
बाइट्स :
जीतेन्द्र शुक्ला, जिला अध्यक्ष, श्रमजीवी पत्रकार संघ — “पत्रकारों पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। हम निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं ताकि सच्चाई सबके सामने आए।”
दिनेश दुबे, जिला अध्यक्ष, सिटी प्रेस क्लब —“यह पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर प्रहार है। यदि जांच पारदर्शी नहीं हुई तो राज्य स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।”
रामकृष्ण साहू, पुलिस अधीक्षक, बेमेतरा — “पत्रकारों का ज्ञापन प्राप्त हुआ है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।”





