
धमतरी, 11 नवंबर 2025:
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में प्रशासनिक सुस्ती और भ्रष्टाचार के खिलाफ हिन्द मीडिया न्यूज टीम की लगातार खोजी पत्रकारिता ने एक सकारात्मक मोड़ ला दिया है। 4 नवंबर को प्रकाशित खबर ‘धमतरी में प्रशासन की लापरवाही: भ्रष्टाचार और फरियादों की अनसुनी पुकार’ ने ग्राम घोटगांव के
निवासी मुकेश कुमार मरकाम के दर्द को प्रमुखता से उजागर किया था। जिसमें पटवारी द्वारा 10,000 रुपये रिश्वत की मांग के कारण अटका फौती (उत्तराधिकार) कार्य, जो पिछले चार महीनों से मुकेश के परिवार को परेशान कर रहा था, अब निःशुल्क पूरा हो गया। यह घटना न केवल मीडिया की ताकत को प्रमाणित करती है, बल्कि आम जनता के बीच आशा की किरण भी जगाती है।
मुकेश कुमार मरकाम, पिता स्व. भगवान सिंह मरकाम के नाम पर 2.71 हेक्टेयर जमीन के उत्तराधिकार के लिए चाचा भवन सिंह ने पटवारी को आवेदन दिया था। लेकिन रिश्वत न देने पर कार्य अटक गया, जिससे परिवार न धान बेच पा रहा था, न किसान एग्रीटेक या वारिसात पंजीकरण करा पा रहा था। पिता का लिया किसानी कर्ज चुकाने का बोझ भी बढ़ता जा रहा था। खबर प्रकाशन के तुरंत बाद जिला प्रशासन कार्यालय ने संज्ञान लिया। और आश्चर्यजनक रूप से, रविवार 09 नवंबर को, जो सरकारी अवकाश का दिन होता है, ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से फौती कार्य पूरा कर दिया गया। न कोई शुल्क, न रिश्वत—सिर्फ पारदर्शी प्रक्रिया।

मुकेश ने बताया, “मीडिया टीम ने हमारी आवाज को ताकत दी। अब हम सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे और कर्ज का बोझ कम होगा। यह हमारे लिए नई जिंदगी है।”
हिन्द मीडिया की यह पहल राजस्व विभाग में लगातार हो रही अनियमितताओं पर लगाम कसने की दिशा में मील का पत्थर साबित हुई। वहीं जिला प्रशासन ने इस पर प्रारम्भिक जांच प्रक्रिया भी शुरू कर दी है,जो भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का संकेत देती है। इससे न केवल मुकेश जैसे गरीब किसान-मजदूरों को राहत मिली, बल्कि पूरे जिले में फरियादियों के बीच विश्वास जगा।
हालांकि, इस सकारात्मक असर के बीच एक नकारात्मक पहलू भी उभरकर आया है। रविवार को अवकाश के दिन ऑनलाइन कार्य पूरा करना प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन प्रतीत होता है। जागरूकों का मानना है कि इससे कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है और कार्य संस्कृति प्रभावित हो सकती है। क्या यह त्वरित न्याय की होड़ में नियमों की अनदेखी है? फिर भी, मुकेश के मामले में यह कदम स्वागतयोग्य है, जो दर्शाता है कि आवश्यकता पड़ने पर लचीलापन जरूरी है।
धमतरी जैसे दुरांचल ग्रामीण इलाकों में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं, लेकिन मीडिया की सक्रियता से परिवर्तन संभव है। लगातार प्रकाशन जारी रखने वाली हिन्द मीडिया टीम ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया,अब उम्मीद है कि अन्य फरियादी भी आगे आएंगे और प्रशासन जवाबदेह बनेगा। गरीबों की आवाज दबने न पाए, यही लोकतंत्र की सच्ची जीत होगी।
चुनेश साहू 7049466638





