hindmedianews
Breaking News
कबीरधामछत्तीसगढ़देश-विदेशब्रेकिंग न्यूज़

जस्टिस सूर्यकांत होंगे देश के अगले मुख्य न्यायाधीश ,वर्तमान सीजेआई बी.आर. गवई ने कानून मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव

IMG-20250714-WA0596
previous arrow
next arrow

एजेंसी:

नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था सुप्रीम कोर्ट में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी.आर. गवई ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में जस्टिस सूर्यकांत का नाम केंद्र सरकार को औपचारिक रूप से प्रस्तावित कर दिया है। कानून मंत्रालय को भेजे गए इस प्रस्ताव पर जल्द ही औपचारिक मंजूरी मिलने की संभावना है।

गवई 23 नवंबर 2025 को सेवानिवृत्त होंगे, जिसके बाद 24 नवंबर 2025 से जस्टिस सूर्यकांत देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में पदभार संभालेंगे। परंपरागत रूप से, मुख्य न्यायाधीश अपने उत्तराधिकारी के रूप में सर्वोच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश का नाम अनुशंसा करते हैं।

हरियाणा से आने वाले पहले मुख्य न्यायाधीश

जस्टिस सूर्यकांत का जन्म 10 फरवरी 1962 को हरियाणा के हिसार जिले में हुआ था। वे हरियाणा से आने वाले पहले व्यक्ति होंगे जो देश की सर्वोच्च न्यायिक कुर्सी तक पहुंचेंगे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वकील के रूप में की थी और बाद में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने। 24 मई 2019 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था।

महत्वपूर्ण निर्णय और न्यायिक दृष्टिकोण

जस्टिस सूर्यकांत ने अपने कार्यकाल के दौरान कई संवैधानिक और सामाजिक महत्व के मामलों में अहम फैसले सुनाए हैं।

उन्होंने राजद्रोह कानून (धारा 124A) के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में कड़े रुख का समर्थन किया।

साइबर अपराध, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक अधिकारों से जुड़े मामलों में भी उनके निर्णयों ने न्यायपालिका की संवेदनशीलता को दर्शाया।

वे न्यायिक प्रक्रिया को सरल और आम नागरिकों के लिए सुलभ बनाने के पक्षधर माने जाते हैं।

नई जिम्मेदारियां और चुनौतियां

मुख्य न्यायाधीश बनने के बाद जस्टिस सूर्यकांत के सामने सबसे बड़ी चुनौती न्यायालय में लंबित मामलों की संख्या को घटाने और तकनीक आधारित न्याय व्यवस्था को और मज़बूत बनाने की होगी। साथ ही, न्यायिक पारदर्शिता और तेज़ सुनवाई को लेकर समाज की बढ़ती अपेक्षाएं भी उनके कार्यकाल की प्रमुख कसौटी रहेंगी।

न्यायपालिका में नई ऊर्जा की उम्मीद

न्यायिक विशेषज्ञों का मानना है कि जस्टिस सूर्यकांत का नेतृत्व न्यायपालिका में नई ऊर्जा और संतुलन लाएगा। वे जनहित, संवैधानिक नैतिकता और कानून के राज के सिद्धांतों को प्राथमिकता देने वाले न्यायाधीश माने जाते हैं।

संक्षेप में

वर्तमान सीजेआई: जस्टिस बी.आर. गवई

अगले सीजेआई: जस्टिस सूर्यकांत

पदभार ग्रहण की तिथि: 24 नवंबर 2025

कार्यकाल: फरवरी 2027 तक

विशेषता: हरियाणा से आने वाले पहले मुख्य न्यायाधीश।

सम्पादकीय दृष्टिकोण:
यह नियुक्ति न केवल न्यायपालिका के लिए बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक क्षण होगी। हरियाणा के एक साधारण गाँव से निकलकर देश की सर्वोच्च न्यायिक कुर्सी तक पहुँचना न्याय के लोकतांत्रिक मूल्यों का सशक्त उदाहरण है।

 

संबंधित पोस्ट

फिल्म ‘छावा’छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की घोषणा

Sakshi Bansod

Chunesh Sahu

आवासपारा में वर्षों पुरानी पेयजल समस्या से राहत,

rakeshbhaskar

33 पौवा देशी मदिरा का परिवहन करने वाले  भैय्या चढे पुलिस के हत्थे

hindmedianews

पंडरिया में दशहरे पर मंडराए तनाव के बादल – दो पक्षों की खींचतान से उत्सव पर ग्रहण, प्रशासन अलर्ट

hindmedianews

*प्रेस विज्ञप्ति – अखिल भारतीय नारी शक्ति संगठन “तेजस्विनी” की धमतरी जिला ईकाई गठित – वीना राशिद बनी कार्यकारी जिला संयोजिका ..* * * *

Chunesh Sahu